
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (MYUVA) योजना के तहत प्रदेश के 1 लाख युवाओं को हर साल उद्यमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
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योजना की खास बातें: बिना गारंटी और बिना ब्याज का लोन
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ₹5 लाख तक की परियोजनाओं के लिए दिया जाने वाला ऋण पूरी तरह से ब्याज मुक्त है। साथ ही, युवाओं को लोन लेने के लिए किसी भी तरह की गारंटी (Collateral) देने की जरूरत नहीं होगी। सरकार परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान के रूप में भी सहायता प्रदान कर रही है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता की शर्तें)
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को निम्नलिखित मापदंड पूरे करने होंगे:
- आयु सीमा: आवेदक की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- शैक्षिक योग्यता: न्यूनतम 8वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है।
- प्रशिक्षण: आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल विकास प्रशिक्षण (जैसे ODOP, विश्वकर्मा श्रम सम्मान, ITI या डिप्लोमा) का प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- निवासी: आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
दूसरे चरण में मिलेगी और बड़ी मदद
यदि लाभार्थी पहले चरण का ₹5 लाख का ऋण समय पर चुका देता है, तो वह दूसरे चरण में और बड़े ऋण के लिए पात्र होगा। दूसरे चरण में सरकार ₹7.5 लाख तक या पहले चरण के ऋण का दोगुना तक वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
आवेदन की प्रक्रिया: ऐसे करें अप्लाई
इच्छुक युवा इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक वेबसाइट msme.cmyuva.org.in या yuvasathi.in पर विजिट करें।
- आधार नंबर और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से पंजीकरण करें।
- फॉर्म भरकर अपना पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, कौशल प्रमाण पत्र और प्रोजेक्ट रिपोर्ट अपलोड करें।
- आवेदन जमा होने के बाद जिला उद्योग केंद्र और बैंक द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा, जिसके बाद ऋण स्वीकृत किया जाएगा।
डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाले उद्यमियों को प्रति लेनदेन ₹1 (अधिकतम ₹2000 प्रति वर्ष) का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी दे रही है।
















