
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, अगर आप अगले साल बाबा केदार या बद्री विशाल के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी, राज्य सरकार ने अब तक ‘मुफ्त’ रहने वाले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को सशुल्क (Paid) करने की तैयारी पूरी कर ली है।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
अब तक चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क था, जिसका फायदा उठाकर कई लोग और एजेंट ‘फर्जी रजिस्ट्रेशन’ कर लेते थे इससे यात्रा के दौरान स्लॉट तो फुल हो जाते थे, लेकिन वास्तविक श्रद्धालु दर्शन से वंचित रह जाते थे, इसी गड़बड़ी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई समिति ने शुल्क लगाने का निर्णय लिया है।
कितना लगेगा शुल्क? (संभावित रेट्स)
सूत्रों के मुताबिक, पंजीकरण शुल्क को लेकर मंथन जारी है, शुरुआती चर्चाओं में यह शुल्क 10 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति श्रद्धालु के बीच रखने का प्रस्ताव है।
- समिति का गठन: गढ़वाल मंडल के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है।
- फाइनल रिपोर्ट: यह समिति होटल एसोसिएशन और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा कर जल्द ही अंतिम रेट लिस्ट शासन को सौंपेगी।
यात्रा 2026 का पूरा शेड्यूल
अगले वर्ष चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) से होने जा रहा है। कपाट खुलने की संभावित तिथियां इस प्रकार हैं:
- यमुनोत्री व गंगोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026
- केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026
- बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026
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श्रद्धालुओं को क्या होगा फायदा?
प्रशासन का मानना है कि शुल्क लागू होने से केवल वही लोग रजिस्ट्रेशन करेंगे जो वास्तव में यात्रा करना चाहते हैं, इससे ब्लैक मार्केटिंग और फर्जी स्लॉट बुकिंग पर लगाम लगेगी, साथ ही, पंजीकरण से होने वाली आय का उपयोग यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बढ़ाने में किया जाएगा।
















