
बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव हुआ है, अब केवल आधार कार्ड के भरोसे आवेदन करना संभव नहीं होगा, नीतीश सरकार ने फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए नियमों को सख्त करते हुए नए सहायक दस्तावेजों (Supporting Documents) को अनिवार्य कर दिया है।
Table of Contents
RTPS पोर्टल पर बदले नियम: अब इन कागजातों के बिना आवेदन होगा रिजेक्ट
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नए निर्देशों के अनुसार, अब ServicePlus (RTPS) पोर्टल पर आवेदन करते समय आवेदक को अपनी पहचान के साथ-साथ अपनी जड़ों और आय के पुख्ता सबूत देने होंगे।
आवासीय प्रमाण पत्र: अब चाहिए पते का ठोस सबूत
निवास प्रमाण पत्र के लिए अब आवेदक को आधार कार्ड के अलावा निम्नलिखित में से कोई एक दस्तावेज अपलोड करना होगा:
- पुश्तैनी खतियान या हालिया जमीन की रसीद।
- परिवार का राशन कार्ड या बिजली बिल।
- स्वयं या अभिभावक का वोटर आईडी कार्ड।
जाति प्रमाण पत्र: खतियान हुआ अनिवार्य
जाति की पुष्टि के लिए अब केवल घोषणा पत्र से काम नहीं चलेगा अब आवेदन के साथ खतियान (Khatiyan) या केवाला (Kewala) की कॉपी लगाना जरुरी है, जिससे यह सिद्ध हो सके कि आवेदक के पूर्वज संबंधित जाति और श्रेणी के अंतर्गत आते हैं, जिनके पास जमीन नहीं है, उन्हें स्थानीय स्तर पर गहन जांच (Physical Verification) से गुजरना होगा।
यह भी देखें: पैन और आधार लिंक करने पर लगेगा ₹1,000 जुर्माना, क्या है वजह जानें
आय प्रमाण पत्र: सोर्स ऑफ इनकम का देना होगा ब्योरा
आय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब पारदर्शिता बढ़ाई गई है, नौकरीपेशा लोगों को अपनी सैलरी स्लिप और व्यवसायियों को ITR की कॉपी देनी पड़ सकती है, सामान्य आवेदकों को भी आय के स्रोत का स्पष्ट उल्लेख करते हुए स्व-घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा।
डिजिटल केवाईसी और फोटो के नियम भी बदले
नए नियमों के तहत अब आधार कार्ड का OTP आधारित सत्यापन अनिवार्य है, साथ ही, अब पुराने फोटो के बजाय पोर्टल पर लाइव वेबकैम से फोटो ली जा सकती है या 300KB के भीतर का स्पष्ट पासपोर्ट फोटो अपलोड करना होगा।
यदि आवेदन के समय ऊपर बताए गए नए दस्तावेज संलग्न नहीं किए जाते हैं, तो प्रखंड स्तर (Block Level) पर राजस्व अधिकारी द्वारा आवेदन को सीधे रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
















