
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे सुरक्षित और लोकप्रिय बचत योजनाओं में शुमार है। टैक्स छूट, गारंटीड ब्याज और जीरो रिस्क के कारण लाखों लोग इसमें निवेश करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक व्यक्ति अपने नाम पर दो PPF अकाउंट चला सकता है? जवाब है सख्ती से ‘नहीं’। पब्लिक प्रोविडेंट फंड एक्ट, 1968 के तहत यह नियम अटल है। गलती से दूसरा अकाउंट खुल जाए तो ब्याज भी नहीं मिलेगा और मर्जर की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।
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एक व्यक्ति, एक PPF अकाउंट
PPF स्कीम पूरी तरह सरकारी है, जो पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों (जैसे SBI, PNB) में खुलती है। एक्ट के मुताबिक, पूरे देश में एक व्यक्ति केवल एक ही PPF अकाउंट रख सकता है। अगर आपने SBI में अकाउंट खोला तो दूसरे बैंक या पोस्ट ऑफिस में दोबारा ट्राई किया तो वह अमान्य माना जाएगा। ऐसी स्थिति में अतिरिक्त अकाउंट बंद हो जाएगा और केवल मूल राशि लौटेगी – ब्याज के साथ नहीं। मर्जर के लिए वित्त मंत्रालय की मंजूरी लेनी पड़ती है, जो महीनों लग सकती है।
यह नियम इसलिए है ताकि सालाना 1.5 लाख रुपये की निवेश सीमा का दुरुपयोग न हो। उदाहरण के तौर पर, अगर आप दो अकाउंट में 3 लाख डालते हैं, तो अतिरिक्त राशि पर कोई लाभ नहीं। हाल के मामलों में कई निवेशकों को नुकसान हुआ, जब अनजाने में दूसरा अकाउंट खुल गया। अधिकारियों का कहना है कि अकाउंट खोलते वक्त डिक्लेरेशन फॉर्म भरना पड़ता है, जिसमें यही शर्त होती है।
नाबालिग के लिए अलग प्रावधान
अपने नाम पर दो अकाउंट नहीं, लेकिन अभिभावक के तौर पर बच्चे के नाम एक PPF खोल सकते हैं। हालांकि, दोनों अकाउंट्स में कुल निवेश 1.5 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मसलन, अपने अकाउंट में 1 लाख डाले तो बच्चे के में सिर्फ 50 हजार। जॉइंट अकाउंट का कोई विकल्प नहीं। NRI नए अकाउंट नहीं खोल सकते, लेकिन पुराना मैच्योरिटी तक चला सकते हैं।
निवेश की बारीकियां
PPF का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है, जिसे 5-5 साल के लिए दो बार बढ़ाया जा सकता है। न्यूनतम 500 रुपये सालाना जमा जरूरी, वरना अकाउंट डिफॉल्ट हो सकता है। अधिकतम 1.5 लाख तक निवेश पर 7.1% ब्याज (वर्तमान दर) टैक्स-फ्री मिलता है – EEE (Exempt-Exempt-Exempt) स्टेटस। 80C के तहत 1.5 लाख तक छूट। 7वें साल से लोन, 6ठे से आंशिक निकासी संभव। लेकिन लॉक-इन लंबा होने से लिक्विडिटी कम।
निवेशक क्या करें? विशेषज्ञ सलाह
PPF खोलने से पहले आधार, पैन चेक करें और पुराना अकाउंट वेरिफाई करें। ऑनलाइन पोर्टल या बैंक स्टेटमेंट से आसानी। अगर गलती हो जाए तो तुरंत बैंक/पोस्ट ऑफिस सूचित करें। वित्तीय प्लानर्स सलाह देते हैं – PPF को रिटायरमेंट के लिए इस्तेमाल करें, लेकिन SIP या म्यूचुअल फंड से बैलेंस रखें। 2026 में ब्याज दरों पर नजर रखें, क्योंकि सरकार हर तिमाही रिव्यू करती है।
















