
अक्सर ग्राहकों को शिकायत रहती है कि उनके बैंक खाते से बिना किसी सूचना के पैसे कट गए हैं, क्या बैंक को ऐसा करने का कानूनी अधिकार है? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक आपकी मर्जी के बिना पैसा नहीं निकाल सकता, लेकिन कुछ विशेष कानूनी और तकनीकी स्थितियाँ ऐसी हैं जहाँ बैंक को यह अधिकार प्राप्त है, ये कटौतियां केवल पूर्व-सहमत शर्तों या कानूनी आदेशों के तहत ही संभव हैं।
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लोन की EMI न चुकाने पर (Right of Set-off)
यदि आपने उसी बैंक से कोई लोन लिया है और आप उसकी किस्त (EMI) समय पर नहीं भर रहे हैं, तो बैंक के पास ‘राइट ऑफ सेट-ऑफ’ का अधिकार होता है। इसके तहत बैंक आपके बचत खाते (Saving Account) में जमा राशि का उपयोग लोन की भरपाई के लिए कर सकता है।
पूर्व-निर्धारित निर्देश (Standing Instructions/e-Mandate)
अगर आपने किसी सेवा (जैसे- LIC प्रीमियम, जिम फीस, या नेटफ्लिक्स सब्सक्रिप्शन) के लिए Auto-Debit या e-Mandate सेट किया है, तो बैंक हर महीने तय तारीख पर पैसा काट लेगा।
- नियम: ₹5,000 से ज्यादा के ऑटो-डेबिट के लिए बैंक को आपको 24 घंटे पहले सूचित करना अनिवार्य है।
बैंक के सेवा शुल्क (Service Charges)
बैंक अपनी सेवाओं के बदले सीधे आपके खाते से पैसे काटता है, जिसके लिए अलग से अनुमति नहीं ली जाती। जैसे:
- न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance): खाते में जरूरी औसत बैलेंस न रखने पर।
- ATM शुल्क: फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने के बाद।
- SMS अलर्ट और चेकबुक शुल्क।
कानूनी आदेश (Legal/Attachment Orders)
यदि आपके खिलाफ किसी अदालत, आयकर विभाग (Income Tax) या अन्य सरकारी संस्था का आदेश आता है, तो बैंक को मजबूरन आपके खाते से पैसा काटकर संबंधित विभाग को भेजना पड़ता है।
तकनीकी गलती या फ्रॉड (Unauthorized Transaction)
अगर बिना किसी कारण के पैसा कटा है, तो यह तकनीकी गलती या साइबर फ्रॉड हो सकता है। ऐसे में RBI का ‘जीरो लायबिलिटी’ (Zero Liability) नियम काम आता है:
- अगर आप 3 दिनों के भीतर बैंक को सूचना देते हैं, तो पूरी राशि वापस पाने की जिम्मेदारी बैंक की होती है।
- बैंक को शिकायत के 10 दिनों के भीतर पैसा आपके खाते में वापस (Shadow Reversal) करना होता है।
सुरक्षा के लिए क्या करें?
- अपने बैंक खाते का SMS अलर्ट हमेशा ऑन रखें।
- किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN या पासवर्ड साझा न करें।
- अगर बैंक 30 दिनों में आपकी शिकायत नहीं सुनता, तो आप RBI Ombudsman पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
















