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बिना चीनी का आंवला मुरब्बा! सिर्फ 10 मिनट में घर पर बनाएं ‘सेहत का खजाना’; इम्यूनिटी बढ़ाने वाली ये रेसिपी है बिल्कुल फ्री

डायबिटीज वाले भी खाएं, वजन घटाए बिना स्वाद ले! घरेलू सामग्री से बने 'सेहत के खजाने' की आसान रेसिपी विटामिन C से भरपूर, सर्दी-जुकाम भगाए, आज ही ट्राई करें!

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आज की जीवनशैली में इम्यूनिटी, पाचन और त्वचा की देखभाल लगातार चुनौती बनी हुई है, लेकिन यह समस्या शायद रोज़मर्रा की थाली में ही छिपा समाधान ले कर आ सकती है। आंवला, जिसे पुराने ज़माने से आयुर्वेद में लंबी उम्र और स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है, अब आधुनिक दौर में भी अपनी जगह जमाए हुए है। और अगर आप इसे चीनी के बिना घर पर आसानी से मुरब्बा के रूप में बना लें, तो यह एक हेल्दी स्नैक ही नहीं, बल्कि इम्यूनिटी और पाचन दोनों के लिए प्राकृतिक बूस्टर बन जाता है।

बिना चीनी का आंवला मुरब्बा! सिर्फ 10 मिनट में घर पर बनाएं 'सेहत का खजाना'; इम्यूनिटी बढ़ाने वाली ये रेसिपी है बिल्कुल फ्री

इम्यूनिटी पर सीधा असर

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन‑C और अन्य एंटी‑ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। सर्दी-जुकाम, खांसी, गले की खराबी और छोटी‑मोटी वायरल संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से आंवला लेना फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद घटक शरीर की आंतरिक सूजन को नियंत्रित करके इम्यून सिस्टम को दीर्घकालिक रूप से मज़बूत रखने में सहयोग करते हैं।

पाचन और लिवर को सपोर्ट

आंवला मुरब्बा बिना चीनी के बनाया जाए तो पाचन के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होता है। इसका थोड़ा अम्लीय और ठंडा स्वभाव कब्ज, एसिडिटी और गैस जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। लंबे समय से इसे आंत की “अग्नि” और लिवर की कार्यक्षमता में सुधार करने वाला बताया जाता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और शरीर से ज़हरीले पदार्थों का निकास तेज होता है।

त्वचा और बालों के लिए बेनेफिट

विटामिन‑C और अन्य पोषक तत्वों की वजह से आंवला त्वचा के लिए भी अच्छा माना जाता है। नियमित सेवन से त्वचा टाइट और चमकदार लग सकती है और झुर्रियों की उपस्थिति धीरे‑धीरे कम हो सकती है। इसके साथ ही बालों की जड़ों को मज़बूत करने और बालों के झड़ने की दर को कम करने में भी यह सहायक हो सकता है, जिससे बाल घने और स्वस्थ दिखाई देते हैं।

बिना चीनी वाला 10‑मिनट मुरब्बा

खाने की दिक्कत यह नहीं कि आंवला लाभकारी है, बल्कि यह कि लोग इसका तीखा‑खट्टा स्वाद सहन नहीं कर पाते। इसी समस्या को दूर करने के लिए बिना चीनी का मुरब्बा एक बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए आपको ज़्यादा कुछ नहीं चाहिए: ताज़ा आंवले, शहद या गुड़ का घोल, धनिया या जीरा पाउडर, थोड़ा नमक और चाहें तो अदरक।

आंवले को छोटे‑छोटे टुकड़ों में काटकर ऊपर के पाउडर मिश्रण के साथ हल्का‑सा मसलें, फिर शहद या गुड़ का द्रव डालकर अच्छे से मिलाएं। मिश्रण को जार में ढककर 30-60 मिनट फ्रिज में रख दें। 1-2 घंटे के बाद यह मुरब्बा न सिर्फ खट्टा‑मीठा लगने लगता है, बल्कि इसे रोज़ खाने पर शरीर को लंबे समय तक स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।

कितना और कब खाएं

रोज़ाना लगभग 30-40 ग्राम या 3-4 आंवले के टुकड़े खाना सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। सुबह खाली पेट या नाश्ते के बीच में 1-2 टुकड़े लेना अच्छा रहता है, लेकिन अगर पेट में ज्यादा जलन या अम्लता महसूस हो, तो इसे दोपहर या शाम के नाश्ते के बाद लेना बेहतर है।

नुकसान और सावधानियां

आंवला मुरब्बा जितना फायदेमंद है, उतना ही ज़्यादा मात्रा में लेने पर यह पेट खराब, दस्त या अधिक अम्लता का कारण भी बन सकता है। 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शहद युक्त संस्करण बिल्कुल न दें और डायबिटीज, गैस्ट्रिक अल्सर या अन्य गंभीर पाचन समस्या वाले लोग डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे अपने आहार में शामिल करें।

सर्दी के मौसम में या बस अपनी रोज़मर्रा की थाली को और सेहतमंद बनाने के लिए यह बिना चीनी का आंवला मुरब्बा एक छोटा‑सा पर बहुत असरदार बदलाव है, जिसे आप बिना ज्यादा खर्च और बिना पार्लर जैसी जटिल तकनीकों के घर पर ही आराम‑आराम से बना सकते हैं।

Author
info@ortpsa.in

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