
बिहार में नीतीश सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य में महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार बनाने के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ अब अपने अगले चरण में पहुंच चुकी है। पहले चरण में 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10,000 की शुरुआती सहायता मिल चुकी है। अब सफल बिजनेस वाले मामलों में ₹2 लाख तक की अतिरिक्त मदद का ऐलान हुआ है। जीविका SHG से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं के लिए यह योजना गेम-चेंजर साबित हो रही है।
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₹10,000 से छोटे कारोबार की शुरुआत
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत सितंबर 2025 में हुई थी। इसका उद्देश्य हर परिवार की एक महिला को छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना था। ₹10,000 की राशि DBT से सीधे खाते में ट्रांसफर हुई, जिससे सिलाई केंद्र, किराना दुकान, ब्यूटी पार्लर या खेती से जुड़े काम शुरू हुए। जीविका CEO हिमांशु शर्मा ने बताया कि 1.56 करोड़ महिलाओं को यह मदद मिली। अब मॉनिटरिंग चल रही है कि कितनी ने व्यवसाय सफलतापूर्वक चलाया।
₹2 लाख तक अतिरिक्त सहायता
अब जो महिलाएं ₹10,000 का सही उपयोग कर रही हैं और बिजनेस बढ़ाने की योजना रखती हैं, उन्हें आवश्यकता अनुसार ₹50,000 से ₹2 लाख तक की सहायता मिलेगी। यह तीन किस्तों में (₹15,000, ₹75,000, ₹2 लाख तक) 12% ब्याज पर लोन या सब्सिडी रूप में होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि फरवरी 2026 से पेमेंट शुरू होंगे। प्रशासन सर्वे और बिजनेस प्लान के आधार पर राशि तय करेगा। सफल उद्यमियों को हाट-बाजार और मार्केटिंग सपोर्ट भी।
पात्रता: SHG सदस्यता अनिवार्य
- बिहार की 18-55 वर्ष ग्रामीण महिलाएं।
- जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हों।
- पहले ₹10,000 प्राप्त और व्यवसाय चला रही हों।
- गैर-आयकरदाता, गैर-सरकारी कर्मचारी।
हर परिवार से एक महिला पात्र। शहरी महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
जरूरी दस्तावेज
लाभ लेने के लिए अलग आवेदन जरूरी नहीं, लेकिन जांच के लिए ये दस्तावेज चाहिए:
- आधार कार्ड और वोटर ID।
- बैंक पासबुक (DBT लिंक्ड)।
- जीविका SHG सदस्यता प्रमाण-पत्र।
- BPL/आय प्रमाण-पत्र।
- पहले ₹10,000 उपयोग का प्रमाण (फोटो/रिपोर्ट)।
- बिजनेस प्लान/प्रोजेक्ट रिपोर्ट।
- पासपोर्ट फोटो और मोबाइल नंबर।
आवेदन और स्टेटस चेक
ऑफलाइन: नजदीकी जीविका केंद्र या CSC पर संपर्क। ऑनलाइन: mmry.brlps.in पर रजिस्टर और स्टेटस चेक। हेल्पलाइन: 1800-345-6215। कुल बजट ₹5000 करोड़ से अधिक। सावधान: YouTube पर अफवाहें हैं, आधिकारिक साइट ही विश्वसनीय। यह योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण देगी, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था को बूस्ट करेगी।
















