
बिहार सरकार ने राज्य के अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में छात्रवृत्ति राशि को दोगुना करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, इस कदम से प्रदेश के लाखों छात्रों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
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छात्रों को अब मिलेंगे ₹2,000 प्रति माह
सरकार के नए प्रस्ताव के अनुसार, डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहकर पढ़ाई करने वाले SC-ST छात्रों को मिलने वाली मासिक सहायता राशि अब ₹1,000 से बढ़कर ₹2,000 कर दी गई है। यह वृद्धि बढ़ती महंगाई के बीच छात्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से की गई है।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की नई दरें (सालाना)
करीब 13 साल बाद (2011 के बाद) सरकार ने कक्षा 1 से 10 तक के लगभग 27 लाख छात्रों के लिए स्कॉलरशिप की दरों में बदलाव किया है:
- कक्षा 1 से 4: अब ₹600 के बदले ₹1,200 मिलेंगे।
- कक्षा 5 से 6: अब ₹1,200 के बदले ₹2,400 मिलेंगे।
- कक्षा 7 से 10: अब ₹1,800 के बदले ₹3,600 मिलेंगे।
- छात्रावास में रहने वाले छात्र (कक्षा 1-10): अब ₹3,000 के बजाय ₹6,000 सालाना मिलेंगे।
कैसे उठाएं योजना का लाभ?
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों का बिहार का स्थायी निवासी होना और सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल में नामांकित होना अनिवार्य है।
जरूरी दस्तावेज
- आधार कार्ड और बैंक खाता विवरण (छात्र के नाम पर)।
- जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र (पारिवारिक आय सीमा ₹3 लाख तक)।
- बोनाफाइड सर्टिफिकेट और पिछली कक्षा की मार्कशीट।
आवेदन की प्रक्रिया
योग्य छात्र आधिकारिक बिहार पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति पोर्टल (pmsonline.bih.nic.in) पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं, पंजीकरण के बाद शैक्षणिक विवरण और दस्तावेज अपलोड कर आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
















