बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में लाखों अपात्र राशन कार्डों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें जल्द ही रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अगर आपके घर में कार या अन्य महंगी वस्तुएं हैं, तो तुरंत कार्ड जमा कर दें, वरना परेशानी हो सकती है। यह अभियान जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।

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अभियान का दायरा और कारण
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आधार सत्यापन और डेटाबेस मिलान के जरिए फर्जी या अनुपयुक्त कार्ड पकड़े हैं। पहले चरण में हजारों नाम काटे जा चुके हैं, जबकि बाकी चरणबद्ध तरीके से हटेंगे। मुख्य समस्या यह है कि आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी सब्सिडी वाले अनाज का लाभ ले रहे थे, जिससे गरीब परिवारों का हक प्रभावित हो रहा था। विभाग का लक्ष्य सिस्टम को डिजिटल और भरोसेमंद बनाना है।
किन परिवारों को निशाना?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के अनुसार कुछ मानदंड तय हैं। चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, एयर कंडीशनर या बड़े फ्रिज वाले घर, आयकर भरने वाले या सरकारी नौकरीपेशा लोग इस दायरे में आते हैं। इसके अलावा अधिक जमीन या अच्छी आय वाले भी अपात्र माने जा रहे हैं। कई जगहों पर राशन न उठाने या नाममात्र के सदस्यों वाले कार्ड भी जांच के घेरे में हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में यह कार्रवाई तेज हो गई है।
e-KYC का महत्व
28 फरवरी तक सभी को इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर पूरा करना अनिवार्य है। PDS दुकानों पर e-PoS मशीन या मोबाइल ऐप से आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन कराएं। बिना इसके मार्च से राशन बंद हो जाएगा। राज्य भर में कैंप लग रहे हैं, ताकि लोग आसानी से प्रक्रिया पूरी कर सकें। हेल्पलाइन नंबर्स पर भी मदद उपलब्ध है।
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प्रभावित क्षेत्रों पर नजर
सर्वाधिक असर बड़े जिलों में दिख रहा है। पटना, गया, सीवान जैसे इलाकों में हजारों परिवार नोटिस पा चुके हैं। छोटे प्रखंडों में भी सत्यापन अभियान चल रहा है। इससे मध्यम वर्ग के लोग सबसे ज्यादा चिंतित हैं, जो कभी-कभी राशन ले लेते थे। लेकिन अब सख्ती से सब्सिडी का दुरुपयोग रुकेगा।
क्या करें आम कार्डधारक?
सबसे पहले विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपनी स्थिति जांचें। अगर अपात्र लगते हैं, तो स्वयं कार्ड सरेंडर कर दें। इससे कोई जुर्माना नहीं लगेगा। जांच में पकड़े जाने पर वसूली या अन्य कार्रवाई संभव है। आपत्ति दर्ज करने का मौका भी मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीसी और मुखिया स्तर पर जागरूकता फैलाई जा रही है।
भविष्य की उम्मीदें
यह कदम PDS को मजबूत करेगा। सफल होने पर जरूरतमंदों को समय पर पांच किलो अनाज प्रतिमाह मिलेगा। डिजिटल सत्यापन से डुप्लिकेट कार्ड खत्म होंगे। सरकार अन्य योजनाओं के साथ इसे जोड़ने की योजना बना रही है। हालांकि कुछ निर्दोष प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन अपील प्रक्रिया से राहत मिलेगी। राशन कार्ड धारक आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें, अफवाहों से बचें। यह बदलाव गरीबों के हित में है।
















