अब गरीब परिवारों को अस्पताल के चक्कर लगाने या लंबी कतारों में खड़े होने की मजबूरी नहीं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड बनवाना अब कुछ ही मिनटों का काम है। अपने स्मार्टफोन पर एक सरकारी ऐप इंस्टॉल करें और परिवार के हर सदस्य का डिजिटल कार्ड तैयार। यह सुविधा डिजिटल इंडिया की ताकत को दर्शाती है, जहां e-KYC से पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और कैशलेस हो जाती है।

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योजना की पूरी जानकारी!
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना देश के सबसे बड़े स्वास्थ्य कार्यक्रमों में शुमार है। यह प्रति परिवार सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराती है। सर्जरी से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों तक, करीब दो हजार से अधिक रोगों का इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में बिना पैसे खर्च किए संभव है। ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह वरदान साबित हुई है, क्योंकि पहले कार्ड बनवाने में ही कई दिनों का समय लग जाता था। अब मोबाइल की एक क्लिक से स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित।
पात्रता की आसान जांच
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आप योजना के हकदार हैं या नहीं। सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 के आंकड़ों के आधार पर अधिकांश गरीब परिवार योग्य हैं। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिक भी लाभ ले सकते हैं। मोबाइल ऐप या सरकारी वेबसाइट पर राशन कार्ड नंबर, आधार या मोबाइल नंबर डालकर तुरंत पात्रता पता चल जाती है। अगर नाम सूची में न हो, तो भी e-KYC प्रक्रिया से आवेदन आगे बढ़ाया जा सकता है।
ऐप डाउनलोड और शुरुआती सेटअप
प्रक्रिया शुरू करने के लिए गूगल प्ले स्टोर पर आयुष्मान ऐप खोजें। यह आधिकारिक ऐप है, जो हिंदी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध है। डाउनलोड करने के बाद ऐप खोलें, अपनी पसंदीदा भाषा चुनें और गोपनीयता नीति को स्वीकार करें। मोबाइल नंबर दर्ज कर आने वाले OTP से लॉगिन पूरा करें। अब होम स्क्रीन पर योजना का विकल्प दिखेगा, जहां से आगे बढ़ें।
चरणबद्ध आवेदन प्रक्रिया
परिवार के सदस्यों की सूची ऐप में खुल जाएगी। जिनके कार्ड नहीं बने, उनके नाम के आगे प्रमाणीकरण का संकेत दिखेगा। उस पर क्लिक करें। आधार नंबर डालें और OTP से सत्यापन करें। फिर पासपोर्ट साइज फोटो कैप्चर करें, जिसमें कैमरा अनुमति जरूरी है। नाम, जन्मतिथि, रिश्ता, मोबाइल नंबर, पिनकोड और गृह पता जैसी बुनियादी जानकारियां भरें। कैप्चा कोड डालकर फॉर्म सबमिट करें। पलक झपकते ही e-KYC पूर्ण होने का संदेश मिलेगा। डिजिटल कार्ड तुरंत डाउनलोड हो जाएगा, जबकि प्लास्टिक कार्ड एक सप्ताह में डाक से पहुंचेगा।
आवश्यक दस्तावेज और सावधानियां
आधार कार्ड, राशन कार्ड या ई-श्रम कार्ड साथ रखें। आधार को मोबाइल नंबर से पूर्व लिंक कराना सुनिश्चित करें। इंटरनेट कनेक्शन मजबूत हो, कैमरा सक्रिय रहे। किसी समस्या पर हेल्पलाइन नंबर 14555 पर संपर्क करें। ऐप ही सबसे विश्वसनीय माध्यम है, क्योंकि यह सीधे सरकारी सर्वर से जुड़ा रहता है।
अस्पताल में उपयोग की सहूलियत
कार्ड बनते ही नजदीकी पैनल अस्पताल जाएं। आयुष्मान मित्र कार्ड स्कैन कर वेरिफाई करेंगे। उसके बाद इलाज शुरू, बिना किसी कागजी कार्रवाई या नकद भुगतान के। पंजाब जैसे राज्यों में सैकड़ों अस्पताल इससे जुड़े हैं। यह न केवल आर्थिक बोझ हटाता है, बल्कि समय भी बचाता है।
डिजिटल रूप से सशक्त भारत में यह कदम लाखों परिवारों को मजबूत बनाएगा। देर न करें, आज ही ऐप इंस्टॉल कर स्वास्थ्य का कवच तैयार करें। स्वस्थ भारत का सपना अब करीब है।
















