टैक्सी ड्राइवरों के लिए एक नई क्रांति का दौर शुरू हो गया है। अब मात्र 500 रुपये निवेश करके आप टैक्सी कारोबार के सच्चे मालिक बन सकते हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हाल ही में इस अनोखी योजना को देश के समक्ष प्रस्तुत किया है। इसे अमूल के सहकारी मॉडल से प्रेरित बताया जा रहा है, जहां ड्राइवर न केवल अपनी कमाई रखते हैं बल्कि कंपनी के लाभ में भी हिस्सेदार होते हैं। यह सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के राजकोट से शुरू हो चुकी है तथा जल्द ही पूरे देश में फैल जाएगी।

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योजना का जादुई मॉडल
यह पहली ऐसी राइड-हेलिंग सेवा है जो पूरी तरह सहकारी सिद्धांतों पर टिकी हुई है। पारंपरिक ऐप्स में जहां कंपनियां 20-30 प्रतिशत कमीशन काट लेती हैं, वहीं यहां ड्राइवर को किराए का सौ फीसदी हिस्सा मिलता है। योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 15 करोड़ ड्राइवरों को जोड़ना है। अमित शाह ने इसे ड्राइवरों की समृद्धि का रोडमैप बताया है। छोटे निवेश से शेयरधारक बनें और तीन साल बाद 20 प्रतिशत तक लाभ कमाएं। महिलाओं के लिए बाइक दीदी जैसी विशेष पहल भी शुरू हो चुकी है, जिसमें सैकड़ों महिलाएं पहले ही शामिल हो गई हैं।
ड्राइवरों को अपार लाभ
इस योजना से ड्राइवरों की जिंदगी बदल रही है। पूर्ण किराया मिलने के साथ-साथ पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य एवं दुर्घटना बीमा कवर मिलता है। रिटायरमेंट के लिए बचत सुविधा, 24 घंटे आपातकालीन सहायता और एसओएस बटन जैसी व्यवस्थाएं सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं। यात्री भी फायदे में हैं क्योंकि किराया कम है और चालक पूरी तरह सत्यापित होते हैं। पारदर्शी मूल्य निर्धारण से किसी प्रकार का विवाद नहीं होता। ग्रामीण क्षेत्रों के ड्राइवरों को भी अब बड़ी कंपनियों का विकल्प मिल गया है।
मालिक कैसे बनें?
आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल है। निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- गूगल प्ले स्टोर से भारत टैक्सी ड्राइवर ऐप डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापन पूरा करें।
- नाम, ईमेल और वाहन विवरण भरें।
- आधार, पैन, व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, बीमा और पीयूसी प्रमाणपत्र अपलोड करें।
- सत्यापन के बाद 500 रुपये जमा कर शेयर खरीदें।
- पृष्ठभूमि जांच पूरी होते ही खाता सक्रिय हो जाएगा।
यह प्रक्रिया सामान्यतः 48 घंटों में समाप्त हो जाती है। अधिक सदस्य जुड़ने पर ड्राइवर बोर्ड सदस्य चुन सकते हैं, जो उनके हितों की रक्षा करेंगे।
देशव्यापी क्रांति की शुरुआत
अमित शाह ने लॉन्च के दौरान कहा कि यह योजना सहकारिता की शक्ति को दर्शाती है। ओला-उबर जैसे विदेशी मॉडल अब चुनौती का सामना कर रहे हैं। दिल्ली में पहले ही सैकड़ों ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं और उनकी मासिक आय में इजाफा दर्ज किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे लाखों परिवारों का आर्थिक उत्थान होगा। हालांकि ऐप की पहुंच और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देकर पर्यावरण संरक्षण भी लक्ष्य है।
यह योजना न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी बल्कि डिजिटल भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। ड्राइवर भाइयों के लिए यह स्वर्णिम अवसर है। आज ही ऐप डाउनलोड करें और अपनी किस्मत बदलें। टैक्सी कारोबार अब सबका हो गया है।
















