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NEFT, RTGS या IMPS: ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का सबसे सस्ता और तेज तरीका कौन सा? जान लें बैंक चार्जेस का नया गणित

बैंक ने चार्जेस बदल दिए, अब गलत तरीका चुना तो 50 रुपये डूबेंगे! IMPS सबसे तेज, NEFT सस्ता? जानें नया गणित, कौन कब यूज करें। जेब बचाने के सीक्रेट टिप्स, आज से कभी नुकसान न हो!

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आजकल हर कोई मोबाइल से ही पैसे ट्रांसफर करता है। लेकिन सवाल वही पुराना है कि IMPS, NEFT या RTGS में से कौन सा तरीका सबसे तेज और कम खर्च वाला है। बदलते डिजिटल दौर में बैंकों ने चार्ज की पूरी गणित बदल दी है। छोटी रकम भेजनी हो तो IMPS सबसे आगे है, क्योंकि ये पलक झपकते काम करता है और जेब पर बोझ भी कम डालता है। आइए, इसकी गहराई समझें।

NEFT, RTGS या IMPS: ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने का सबसे सस्ता और तेज तरीका कौन सा? जान लें बैंक चार्जेस का नया गणित

तीनों तरीकों का आसान फर्क

IMPS का पूरा नाम इमीडिएट पेमेंट सर्विस है। ये मोबाइल नंबर या खास कोड से तुरंत पैसा पहुंचा देता है। दिन रात काम करता है, छुट्टी हो या त्योहार। छोटे व्यापारियों से लेकर फ्रीलांसर तक इसे पसंद करते हैं। न्यूनतम एक रुपया से शुरू होकर पांच लाख तक भेज सकते हैं।

NEFT यानी नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड्स ट्रांसफर बैच सिस्टम पर चलता है। हर आधे घंटे में सेटल होता है। कोई ऊपरी सीमा नहीं, लेकिन वीकेंड पर थोड़ी देरी हो सकती है। ये नियमित बिल भुगतान या सैलरी ट्रांसफर के लिए बढ़िया है।

RTGS रीयल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट है। दो लाख से ज्यादा की रकम के लिए बना है। जैसे ही आप भेजते हैं, वैसे ही पहुंच जाता है। प्रॉपर्टी डील या बड़ा बिजनेस पेमेंट इसके लिए सही।

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2026 में चार्जेस का नया खेल

अब बात पैसे की। ज्यादातर बैंक ऑनलाइन NEFT को मुफ्त कर चुके हैं। RTGS पर भी बड़े अमाउंट के अलावा ज्यादा चार्ज नहीं लगता। IMPS में मामूली फीस आती है, पांच से पंद्रह रुपये तक। कई बैंक इसे मुफ्त या बहुत कम रखते हैं। पुराने जमाने के ब्रांच ट्रांसफर पर अभी भी ज्यादा कटौती होती है, लेकिन ऐप से सब आसान। ये बदलाव इसलिए आए क्योंकि सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना चाहती है।

कौन कब इस्तेमाल करें?

अगर आपको तुरंत पैसे भेजने हैं और रकम पांच लाख से कम है, तो IMPS चुनें। ये चौबीसों घंटे तैयार रहता है। बड़े ट्रांजेक्शन के लिए RTGS सबसे सुरक्षित। इसमें ट्रैकिंग भी आसान। रोजमर्रा के पेमेंट जैसे EMI या बिजली बिल के लिए NEFT ठीक रहेगा, क्योंकि ये मुफ्त पड़ता है।

स्मार्ट टिप्स हर यूजर के लिए

पहले अपने बैंक ऐप खोलें और ट्रांसफर सेक्शन में चार्ज चेक कर लें। हर बैंक का थोड़ा फर्क होता है। साइबर धोखों से बचने के लिए हमेशा OTP इस्तेमाल करें और डेली लिमिट सेट रखें। छोटे शहरों जैसे लुधियाना में दुकानदार अब IMPS से ही GST या सप्लायर पेमेंट कर रहे हैं। ये न सिर्फ समय बचाता है, बल्कि पैसे भी।

भविष्य का ट्रेंड क्या कहता है?

पिछले साल से IMPS का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। लोग UPI के बाद अब इसे अपनाने लगे। बैंकों ने इसे सरल बनाया है। लेकिन याद रखें, बड़ी रकम पर RTGS जरूरी। कुल मिलाकर छोटे-मझोले पेमेंट में IMPS राजा है। सही तरीका चुनकर आप हर महीने सैकड़ों रुपये बचा सकते हैं।

Author
info@ortpsa.in

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