देश के करोड़ों किसान परिवारों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से बड़ी राहत मिलने वाली है। फरवरी 2026 के मध्य तक 22वीं किस्त के रूप में दो हजार रुपये उनके बैंक खातों में आ सकते हैं। पिछले चार महीनों से इंतजार कर रहे किसान अब पूरी तैयारी करें, क्योंकि यह राशि उनकी आर्थिक मजबूती का बड़ा सहारा साबित होगी।

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योजना की विशेषताएं और लाभ
यह योजना छोटे और मध्यम भूमिधारक किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। हर साल छह हजार रुपये तीन बराबर किश्तों में मिलते हैं, जो सीधे खाते में भेजी जाती हैं। गत नवंबर में जारी हुई 21वीं किश्त ने नौ करोड़ से ज्यादा परिवारों को लाभ पहुंचाया। अब 22वीं किश्त का समय नजदीक आ गया है, जो फसल बोआई और घरेलू खर्चों में मदद करेगी। योजना से अब तक अरबों रुपये वितरित हो चुके हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है।
किश्त जारी होने की संभावित तिथि
आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन चार महीने के चक्र को देखते हुए फरवरी का दूसरा या तीसरा सप्ताह तय माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञ होली से पहले के उपहार के रूप में देख रहे हैं। पिछली किश्तें इसी पैटर्न पर आईं, जैसे फरवरी 2025 में 24 तारीख को। सरकार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर रही है। किसान भाई रोज पोर्टल चेक करते रहें, ताकि कोई अपडेट छूटे नहीं।
स्टेटस कैसे जांचें?
घबराएं नहीं, प्रक्रिया बेहद आसान है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां किसान कोने में लाभार्थी सूची का विकल्प चुनें। राज्य, जिला, तहसील और गांव का चयन करें, फिर रिपोर्ट देखें। नाम, पिता का नाम और अन्य विवरण सामने आ जाएंगे। स्टेटस के लिए आधार नंबर या पंजीकरण संख्या डालें। अगर नाम गायब हो, तो तुरंत संपर्क करें। हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल करें या नजदीकी केंद्र जाएं। मोबाइल ऐप से भी यह काम हो जाता है।
eKYC और अन्य जरूरी अपडेट
किश्त पाने के लिए eKYC अनिवार्य है। आधार को बैंक खाते से जोड़ें और यूनिक फार्मर आईडी बनवाएं। सीएससी केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन मुफ्त है। नाम में त्रुटि, गलत जमीन रिकॉर्ड या बैंक डिटेल्स से भुगतान रुक सकता है। पोर्टल पर नया पंजीकरण या संपादन का विकल्प उपलब्ध है। समय रहते ये कदम उठाने से कोई दिक्कत नहीं आएगी। लाखों किसानों ने पहले ही यह कर लिया है।
किन्हें लाभ नहीं मिलेगा
सभी पात्र नहीं हैं। बड़े भूस्वामी, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, पेंशन लेने वाले और विधायक जैसे लोग बाहर हैं। दो हेक्टेयर से ज्यादा जमीन वाले भी अपात्र हैं। आयकर भरने वाले परिवार कट जाते हैं। राज्य स्तर पर जमीन सत्यापन जरूरी है। पंजाब जैसे क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। गलत जानकारी देने पर स्थायी ब्लैकलिस्ट हो सकती है।
किसानों की उम्मीदें और सलाह
ग्रामीण इलाकों में उत्साह का माहौल है। कई किसान बता रहे हैं कि पिछली किश्त ने बीज खरीदने में मदद की। अब वे नई फसल के लिए तैयार हैं। सरकार तकनीकी खामियों को दूर करने में जुटी है। किसान भाइयों से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। नियमित अपडेट लें और परिवार के साथ चर्चा करें। यह योजना आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा है।
समय रहते तैयारी करें, फरवरी में खुशी का इंतजार पूरा होगा। अधिक सहायता के लिए स्थानीय कार्यालय से जुड़ें।
















