त्योहारों की धूम में केंद्रीय कर्मचारियों के चेहरों पर दोहरी खुशी छा गई है। केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते यानी डीए में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यह नया डीए 1 जुलाई 2025 से लागू हो गया है, जिससे कुल डीए दर अब 58 फीसदी तक पहुंच गई है। लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को इससे सीधा फायदा होगा।

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सैलरी में कितना होगा इजाफा?
हर कर्मचारी को मूल वेतन के हिसाब से फायदा मिलेगा। अगर आपका बेसिक पे 30,000 रुपये है, तो पहले डीए 16,500 रुपये था, जो अब 17,400 रुपये हो जाएगा। मतलब हर महीने 900 रुपये ज्यादा हाथ में आएंगे। इसी तरह, 50,000 रुपये बेसिक पे वाले को 1,500 रुपये और 60,000 रुपये वाले को 1,800 रुपये की अतिरिक्त राशि मिलेगी। पेंशन लेने वालों को भी यही राहत मिल रही है। औसतन हजारों रुपये मासिक बचत संभव हो गई है।
एरियर कब जमा होगा खाते में?
डीए बढ़ोतरी जुलाई से शुरू हुई, लेकिन औपचारिक ऐलान थोड़ा लेट हुआ। इसलिए जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों का बकाया एक साथ मिलेगा। ज्यादातर मामलों में यह अगस्त या सितंबर की सैलरी में जुड़ गया। अगर कहीं देरी हुई, तो अक्टूबर तक सब साफ हो जाएगा। अब नई सैलरी के साथ हर महीने स्थायी लाभ चलेगा।
कैसे तय होता है यह बढ़ोतरी?
यह फैसला महंगाई के आंकड़ों पर आधारित है। श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक बढ़ने से सरकार हर छह महीने में डीए समीक्षा करती है। पिछले कुछ महीनों में राशन, सब्जी और ईंधन महंगे होने से सूचकांक ऊपर चढ़ा। सातवें वेतन आयोग के नियमों के तहत यह प्रक्रिया चलती है। कर्मचारी संगठनों की मांग पर सरकार ने जल्दी कार्रवाई की।
अर्थव्यवस्था पर असर
इससे सरकार का खर्च बढ़ेगा, लेकिन कर्मचारियों की क्रय शक्ति मजबूत होगी। त्योहारों में खरीदारी बढ़ेगी, जो बाजार को गति देगी। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह महंगाई से लड़ने का स्मार्ट तरीका है। आने वाले महीनों में और समीक्षा हो सकती है।
कर्मचारी भाईयों के लिए यह वाकई अच्छी खबर है। बढ़ती कीमतों के दौर में यह राहत सांस ला रही है। जल्द ही बैंक खाते में नई राशि झलकने लगेगी। खुश रहें और प्लानिंग करें!
















