
राशन कार्ड धारकों के लिए सरकार ने सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता लाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, National Food Security Act (NFSA) के तहत अब घर की कमान महिलाओं के हाथ में होगी और अपात्र लोगों को लिस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
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महिलाएं बनेंगी ‘घर की मुखिया’
नए नियमों के अनुसार, राशन कार्ड में अब परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला (18 वर्ष या उससे अधिक) को ही ‘घर का मुखिया’ माना जाएगा।
- यदि परिवार में 18 वर्ष से ऊपर की कोई महिला नहीं है, तभी पुरुष सदस्य को मुखिया बनाया जाएगा।
- जैसे ही घर की कोई बेटी 18 साल की होगी, मुखिया का पद पुरुष से बदलकर उस महिला के नाम कर दिया जाएगा।
इन लोगों के कट जाएंगे नाम (अपात्रता की नई शर्तें)
सरकार ने उन लोगों की पहचान शुरू कर दी है जो गलत तरीके से मुफ्त राशन का लाभ उठा रहे हैं, निम्नलिखित श्रेणियों वाले परिवारों के राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे:
- वाहन मालिक: जिनके पास अपना चार पहिया वाहन (कार) या ट्रैक्टर है।
- आयकर दाता: परिवार का कोई भी सदस्य जो Income Tax भरता है।
- सरकारी कर्मचारी: यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी सेवा में कार्यरत है।
- संपत्ति: शहरी क्षेत्र में 100 वर्ग मीटर से अधिक का प्लॉट या मकान होने पर।
- आय सीमा: ग्रामीण क्षेत्र में 2 लाख और शहरी क्षेत्र में 3 लाख रुपये सालाना से अधिक आय वाले परिवार।
- बिजली खपत: 2 किलोवाट से अधिक का बिजली कनेक्शन या घर में AC/जेनरेटर होना।
सावधान: 6 महीने तक राशन न लेने पर गिरेगी गाज
नया नियम यह भी कहता है कि यदि कोई कार्डधारक लगातार 6 महीने तक राशन नहीं उठाता, तो यह माना जाएगा कि उसे इसकी आवश्यकता नहीं है, ऐसे में उनका नाम लिस्ट से स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा।
क्या करें?
अपात्र लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्वयं अपना राशन कार्ड सरेंडर कर दें, अन्यथा जांच में पकड़े जाने पर उनसे अब तक लिए गए राशन की वसूली बाजार दर पर की जा सकती है, पात्रता और नियमों की विस्तृत जानकारी के लिए आप NFSA पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं।
















