
क्या आपको पता है कि जब आप ट्रेन का टिकट खरीदते हैं, तो आप उसकी पूरी कीमत नहीं चुकाते? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में संसद में भारतीय रेलवे के किरायों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है, मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे सरकार हर यात्री के सफर को सस्ता बनाने के लिए अपनी जेब से पैसा भर रही है।
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₹100 का खर्च, आपसे सिर्फ ₹55
रेल मंत्री ने सब्सिडी का पूरा गणित समझाते हुए बताया कि भारतीय रेलवे औसतन प्रत्येक रेल यात्री को 45% से 46% की सब्सिडी दे रही है इसका मतलब यह है कि अगर रेलवे को किसी यात्रा की सुविधा देने में ₹100 का खर्च आता है, तो वह यात्री से केवल ₹55 ही वसूलती है, बाकी के ₹45 का बोझ सरकार खुद उठाती है।
₹60,000 करोड़ से ज्यादा की राहत
The Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, रेल मंत्री ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2023-24 में रेलवे ने यात्री टिकटों पर कुल ₹60,466 करोड़ की भारी-भरकम सब्सिडी प्रदान की है, यह सब्सिडी किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि जनरल, स्लीपर और एसी कोच में सफर करने वाले हर नागरिक के लिए उपलब्ध है।
किराया वृद्धि और रियायतों पर स्पष्टीकरण
- हाल ही में किराए में आधा पैसा से 2 पैसे प्रति किलोमीटर की जो वृद्धि की गई है, उसके बावजूद भारतीय रेल का किराया दुनिया में सबसे कम बना हुआ है।
- इस जनरल सब्सिडी के अलावा, दिव्यांगों की 4 श्रेणियों, मरीजों की 11 श्रेणियों और छात्रों की 8 श्रेणियों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं।
- वरिष्ठ नागरिकों के लिए बंद की गई रियायतों को दोबारा शुरू करने की मांग पर सरकार ने कहा कि वर्तमान सब्सिडी मॉडल से पहले ही सभी को बड़ा लाभ मिल रहा है, हालांकि विशिष्ट श्रेणियों पर विचार जारी है।
रेल मंत्री के इस बयान ने साफ कर दिया है कि भारतीय रेलवे केवल एक ट्रांसपोर्ट का साधन नहीं, बल्कि देश के आम नागरिक के लिए एक बड़ी कल्याणकारी सेवा है।
















