
उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है, मेरठ जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे एक विशाल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (चरण-2) विकसित करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है, इस परियोजना के लिए जिला प्रशासन ने 292 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण का खाका तैयार कर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) को ₹453 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है।
इन 3 गांवों के किसानों की चमकेगी किस्मत
औद्योगिक गलियारे के दूसरे चरण के लिए प्रशासन ने मुख्य रूप से तीन गांवों को चिह्नित किया है:
- खड़खड़ी (Kharkhari)
- छतरी (Chhatari)
- गोविन्दपुरी (Govindpuri)
इन गांवों के लगभग 800 किसानों की भूमि इस परियोजना के दायरे में आएगी, प्रशासन द्वारा जमीन का नक्शा, भूलेख और मालिकों का विवरण तैयार कर लिया गया है।
परियोजना की मुख्य बातें
- कनेक्टिविटी का लाभ: यह इंडस्ट्रियल हब गंगा एक्सप्रेसवे के शुरुआती बिंदु (किलोमीटर 10) के पास स्थित होगा, जिससे दिल्ली, प्रयागराज और नोएडा जैसे बड़े शहरों से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
- रोजगार के अवसर: कॉरिडोर विकसित होने से आईटी सेक्टर, लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए हजारों नौकरियों के द्वार खुलेंगे।
- मुआवजा प्रक्रिया: वर्तमान में किसान सर्किल रेट बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन और UPEIDA के बीच तालमेल के बाद जल्द ही अधिग्रहण के लिए गजट प्रकाशित होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश के 29 जिलों में इस तरह के औद्योगिक गलियारे बनाए जा रहे हैं, जिसमें मेरठ एक प्रमुख हब के रूप में उभर रहा है। परियोजना की प्रगति और निवेश के अवसरों की अधिक जानकारी के लिए आप UPEIDA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
















