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Online Shopping Scam: कम कीमत देख ऑर्डर किया है सामान? डिलीवरी बॉय के सामने बॉक्स खोलने से पहले देख लें ये ‘सीक्रेट मार्क’।

डिलीवरी बॉय के सामने ही चेक करें ये 'सीक्रेट मार्क', वरना पैसे डूब जाएंगे! नकली प्रोडक्ट से बचने का आसान तरीका, अभी जान लें वरना बाद में पछताएंगे। स्कैमरों का नया खेल!

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आजकल ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज इतना बढ़ गया है कि लोग सस्ते दामों के लालच में बिना सोचे-समझे ऑर्डर कर देते हैं। लेकिन सावधान! कई बार डिलीवरी बॉक्स में ब्रांडेड प्रोडक्ट्स के नाम पर नकली या बेकार सामान ठूंस दिया जाता है। बिहार, मुंबई और देशभर से ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां डिलीवरी बॉय के सामने बॉक्स खोलते ही ग्राहकों का होश उड़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बॉक्स पर मौजूद ‘सीक्रेट मार्क’ चेक न करने की गलती सबसे बड़ी भूल है।

Online Shopping Scam: कम कीमत देख ऑर्डर किया है सामान? डिलीवरी बॉय के सामने बॉक्स खोलने से पहले देख लें ये 'सीक्रेट मार्क'।

स्कैम का पूरा खेल

ऑनलाइन ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आकर्षक ऐड चलाते हैं। यहां 50-80 फीसदी डिस्काउंट पर स्मार्टफोन, सनग्लासेस, कपड़े या इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स दिखाए जाते हैं। ग्राहक कैश ऑन डिलीवरी (COD) चुनते हैं, तो ठग नकली माल पैक करके भेज देते हैं। डिलीवरी बॉय अक्सर जल्दबाजी करता है और कहता है, “भाई साहब, जल्दी साइन कर दो, मेरे पास और डिलीवरी हैं।” लेकिन यही वो मौका होता है जब ग्राहक चेक किए बिना OTP या सिग्नेचर दे देता है।

पुलिस रिपोर्ट्स बताती हैं कि ठग असली ई-कॉमर्स पार्सलों के बारकोड चुरा लेते हैं। वे महंगे माल वाले बॉक्स खोलकर नकली प्रोडक्ट अंदर डालते हैं और री-सील कर देते हैं। फेस्टिवल सीजनों में ये मामले दोगुने हो जाते हैं। एक सर्वे के मुताबिक, 2025 में भारत में ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के 2 लाख से ज्यादा केस दर्ज हुए। ज्यादातर शिकार मध्यमवर्गीय परिवार होते हैं, जो बजट में ब्रांडेड सामान चाहते हैं।

डिलीवरी बॉय की मिलीभगत

कई बार डिलीवरी बॉय खुद स्कैम का हिस्सा बन जाते हैं। वे बॉक्स खोलने से मना करते हैं या कहते हैं, “बाद में चेक कर लीजिए।” लेकिन ऐसा करने से रिटर्न पॉलिसी खत्म हो जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में देखा गया है कि सनग्लासेस के ऑर्डर पर पत्थर भेजे गए, या फोन के बदले पुराना ब्रिक मिला। एक मामले में ग्राहक ने वीडियो बनाया, तो डिलीवरी बॉय भाग खड़ा हुआ।

‘सीक्रेट मार्क’ की पहचान कैसे करें?

बॉक्स खोलने से पहले ये निशान जरूर चेक करें:

  • टेप और सील: ओरिजिनल पार्सल की फैक्ट्री सील टाइट और ब्रांड लोगो वाली होती है। अगर टेप ढीला, दोबारा चिपकाया गया या बिना लोगो का लगे, तो फर्जी है।
  • IMEI या सीरियल नंबर: इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स के बॉक्स पर लिखा नंबर प्रोडक्ट से मैच करें। न匹配े तो नकली।
  • बारकोड स्टिकर: डिलीवरी ऐप पर स्कैन करने से पहले बॉक्स का फोटो लें। ठग बारकोड स्वैप कर देते हैं।
  • पैकिंग क्वालिटी: लेबल फीका, स्पेलिंग मिस्टेक या डिटेल्स गायब हों, तो संदेह करें। अच्छे ब्रांड्स प्रोफेशनल पैकिंग करते हैं।

डिलीवरी के समय अपनाएं ये सावधानियां

डिलीवरी लेते वक्त सबसे पहले बॉक्स बाहर से जांचें डेंट, टूटा या गंदा न हो। डिलीवरी बॉय के सामने ही बॉक्स खोलें और मोबाइल पर अनबॉक्सिंग वीडियो रिकॉर्ड करें। प्रोडक्ट निकालकर चला कर देखें, IMEI वेरिफाई करें। सब ठीक न हो तो तुरंत रिजेक्ट करें और OTP न दें। प्लेटफॉर्म को कंप्लेंट करें।

अगर स्कैम हो जाए, तो साइबर सेल हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस अब ऐसे गैंग्स पर नजर रख रही है।

बचाव के आसान टिप्स

सुरक्षित शॉपिंग के लिए अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे विश्वसनीय प्लेटफॉर्म्स चुनें। फेक वेबसाइट्स पर कम कीमत, कम रिव्यूज या अजीब URL होते हैं। हमेशा रीडर रिव्यूज पढ़ें, OTP किसी से शेयर न करें। छोटे ऑर्डर से शुरू करें और रिटर्न पॉलिसी चेक करें।

Author
info@ortpsa.in

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