भारत में करोड़ों लोग अपने सोना-चांदी, नकदी और महत्वपूर्ण कागजात बैंक लॉकर में सुरक्षित रखते हैं। त्योहारों के सीजन में यह संख्या और बढ़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक लॉकर में चोरी या नुकसान होने पर बैंक कितना हर्जाना देगा? आरबीआई के ताजा नियमों ने लाखों ग्राहकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। ये नियम 2021 से लागू हैं और 2026 तक अपडेटेड हैं, जो स्पष्ट करते हैं कि लॉकर केवल स्टोरेज सुविधा है, बीमा नहीं।

Table of Contents
आरबीआई के नए लॉकर नियम क्या कहते हैं?
आरबीआई ने लॉकर सुविधा के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बैंक को लॉकर के अंदर रखी वस्तुओं की जानकारी नहीं होती। सामान्य चोरी के मामले में बैंक जिम्मेदार नहीं होता। जिम्मेदारी तभी बनती है जब बैंक की लापरवाही साबित हो, जैसे सीसीटीवी कैमरे फेल होना, ताला खराब रहना या स्टाफ की गलती। ऐसे में मुआवजा लॉकर के सालाना किराए का 100 गुना तक मिल सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आपका किराया 2,000 रुपये है, तो अधिकतम 2 लाख रुपये तक हर्जाना संभव है। प्राकृतिक आपदा या ग्राहक की खुद की गलती में कोई मुआवजा नहीं मिलेगा। कैश रखना पूरी तरह निषिद्ध है, इसलिए उसका नुकसान होने पर बैंक कुछ नहीं देगा।
चोरी होने पर बैंक कितना हर्जाना देगा?
मुआवजा सोने या कैश के बाजार मूल्य पर नहीं, बल्कि लॉकर किराए पर आधारित होता है। मान लीजिए आपके लॉकर में 50 लाख रुपये का सोना चोरी हो गया, लेकिन किराया सिर्फ 3,000 रुपये सालाना है। बैंक अधिकतम 3 लाख रुपये ही देगा, वो भी अगर उनकी गलती साबित हो। बड़े लॉकर का किराया 5,000 रुपये होने पर 5 लाख तक मुआवजा मिल सकता है। हाल के कर्नाटक SBI चोरी कांड में ग्राहकों को यही सीमित राशि ही मिली। ये नियम ग्रामीण इलाकों के छोटे लॉकर धारकों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगे।
यह भी पढ़ें- Fuel Price Drop: आम आदमी को बड़ी राहत! पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी गिरावट, देख लें आज के रेट।
चोरी होने पर तुरंत क्या करें?
अगर लॉकर खोलने पर सामान गायब मिले, तो घबराएं नहीं। पहले पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएं। बैंक को लिखित शिकायत दें और सीसीटीवी फुटेज की मांग करें। नए नियमों के तहत बैंक को 180 दिनों तक फुटेज रखना अनिवार्य है। लॉकर एग्रीमेंट, सामान की फोटो, लिस्ट और रसीदें जमा करें। अगर बैंक संतुष्टि न दे, तो आरबीआई के बैंकिंग लोकपाल से शिकायत करें। समय रहते कार्रवाई से केस मजबूत बनता है।
सावधानियां और विशेषज्ञ सलाह
लॉकर लेते समय एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें। आरबीआई ने अनुचित शर्तों पर रोक लगाई है। कीमती वस्तुओं का अलग से बीमा करवाएं, क्योंकि बैंक बीमा नहीं देता। हर वस्तु की फोटो, वजन और वैल्यू की लिस्ट बनाकर रखें। एसएमएस अलर्ट चालू रखें। त्योहारों पर सोना जमा करने वाले विशेष सतर्क रहें। जागरूकता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। ये नियम बदल सकते हैं, इसलिए बैंक से अपडेट लेते रहें। सुरक्षित रहें, नुकसान से बचें!
















