भारत भर में पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की जेब काटने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हर दिन हजारों वाहन मालिक अनजाने में मीटर टैंपरिंग और चिप स्कैम का शिकार बनते हैं, जिससे प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। यह धंधा इतना संगठित है कि उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश तक बड़े-बड़े गिरोह सक्रिय हैं। सतर्क न होने पर आपका हर फ्यूल स्टॉप महंगा पड़ सकता है।

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आम धोखाधड़ी के तरीके
सबसे खतरनाक है जंप ट्रिक, जिसमें मीटर जीरो से सीधे 10-20 रुपये पर कूद जाता है। नतीजा यह कि 1 लीटर पेट्रोल के बदले सिर्फ 700-800 मिलीलीटर मिलता है, लेकिन पूरी कीमत वसूल ली जाती है। चिप स्कैम में रिमोट कंट्रोल से हर लीटर में 50 से 150 मिलीलीटर तेल कम कर दिया जाता है। कई बार कर्मचारी नोजल हिलाते हैं या मीटर जीरो नहीं करते, जिससे पाइप में बचा तेल ग्राहक को नहीं मिलता। नकली क्यूआर कोड लगाकर पेमेंट सीधे ठगों के अकाउंट में चला जाता है। ये ट्रिक्स इतनी सफाई से होती हैं कि आंखों के सामने चोरी हो जाती है।
हालिया चौंकाने वाले मामले
नवंबर 2025 में उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में स्पेशल टास्क फोर्स ने 8,000 लीटर मिलावटी पेट्रोल सप्लाई करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया। पांच आरोपी गिरफ्तार हुए, जो पूरे इलाके में नकली ईंधन बांट रहे थे। अलीगढ़ में बिना लाइसेंस वाला अवैध पंप सील कर 1,800 लीटर पेट्रोल-डीजल जब्त किया गया। जनवरी 2026 में रुड़की में पेट्रोल पंप लाइसेंस के नाम पर 13.25 लाख रुपये की ठगी का मामला कोर्ट पहुंचा। चंडीगढ़ में एक पंप की मशीन सील हुई, जहां ग्राहकों से 300-500 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे थे। बागपत में क्यूआर कोड स्कैम से पांच राज्यों में लाखों की लूट हुई। ये उदाहरण बताते हैं कि स्कैम का जाल देशव्यापी है।
सतर्क रहने के सरल उपाय
ईंधन भरने से पहले मीटर साफतः जीरो पर होने की जांच करें। पहली कुछ बूंदें गिरने पर रीडिंग धीरे-धीरे 2-5 रुपये तक बढ़े, तो सामान्य है। नोजल टैंक में 2-3 सेकंड रुकने दें ताकि बचा तेल निकल आए। पैसे कभी पहले न दें, हमेशा भरने के बाद बिल लें। संदेह हो तो कैलिब्रेटेड कंटेनर से मात्रा नापें या लोकल वेट्स एंड मेजर्स ऑफिस में शिकायत दर्ज करें। बड़े पंपों या चेन स्टेशनों को प्राथमिकता दें। इन छोटी आदतों से आप 10-15 प्रतिशत तक बचत कर सकते हैं।
जागरूकता ही सुरक्षा का आधार
हर साल करोड़ों ग्राहक इन चालाकियों का शिकार बनते हैं, लेकिन जागरूकता से इसे रोका जा सकता है। सरकार को डिजिटल मीटर अनिवार्य करने और सख्त निगरानी बढ़ाने की जरूरत है। आप भी आंखें खुली रखें, वरना रोज की चोरी आपकी जेब खाली कर देगी। सतर्क रहें, सुरक्षित ड्राइव करें।
















