भारत की 140 करोड़ से अधिक आबादी के लिए आधार कार्ड अब सिर्फ पहचान पत्र नहीं, बल्कि जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लेकिन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने हाल ही में फर्जीवाड़े पर लगाम कसते हुए सख्त चेतावनी जारी की है। गलत जानकारी देकर आधार बनवाने या उसके दुरुपयोग पर आधार अधिनियम 2016 की धाराओं के तहत 3 साल तक की कैद या 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। हाल के अभियान में 2.5 करोड़ मृतकों के आधार नष्ट करने के बाद यह मुहिम और तेज हो गई है।

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गंभीर गलतियां जो जेल भेज सकती हैं
आधार नामांकन या अपडेट के दौरान गलत नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या बायोमेट्रिक विवरण देना सबसे बड़ा अपराध है। धारा 34 के मुताबिक, किसी की पहचान चुराकर फर्जी आधार बनाना या डेटा में हेरफेर करने पर 3 साल जेल या 10,000 रुपये जुर्माना हो सकता है। एजेंट या कंपनियां बिना अनुमति डेटा साझा करें तो 1 लाख या इससे अधिक दंड तय है। अनधिकृत एजेंसी बनाकर डेटा इकट्ठा करना भी इसी श्रेणी में आता है, जहां व्यक्तिगत स्तर पर 3 साल कैद और संस्थाओं के लिए भारी जुर्माना लगता है।
केंद्रीय पहचान डेटा रिपोजिटरी (CIDR) में अनधिकृत पहुंच या छेड़छाड़ पर सजा 10 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख जुर्माना तक पहुंच सकती है। रिक्वेस्टिंग एंटिटी द्वारा ऑफलाइन वेरिफिकेशन में गलत इस्तेमाल पर भी 3 साल कैद या 1 लाख罚 का प्रावधान है। पिछले साल दर्जनों एजेंट ब्लैकलिस्ट हो चुके, जो फर्जी सब्सिडी और बैंक फ्रॉड में लिप्त थे।
कानूनी ढांचे की सख्ती
आधार अधिनियम 2016 की धारा 38 अनधिकृत पहुंच पर न्यूनतम 10 लाख जुर्माना और 3 साल जेल का प्रावधान करती है। धारा 39 डेटा दुरुपयोग पर समान सजा सुनिश्चित करती है, जबकि धारा 40 संस्थागत उल्लंघनों पर विशेष जोर देती है। आईटी एक्ट और आईपीसी के साथ मिलकर ये नियम डिजिटल धोखाधड़ी रोकते हैं। 2026 में UIDAI ने आधार लोगो के दुरुपयोग पर भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 1947 हेल्पलाइन पर शिकायतें दोगुनी हो गईं, जिससे सतर्कता तेज हुई।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
mAadhaar ऐप डाउनलोड कर विवरण तुरंत चेक करें और मोबाइल नंबर लिंक रखें। बायोमेट्रिक लॉक ऑन करें, फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल बढ़ाएं। फर्जी एजेंटों से बचें, केवल अधिकृत केंद्र चुनें। संदिग्ध OTP या अपडेट रिक्वेस्ट पर 1947 पर कॉल करें या uidai.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर अपडेट रखें, वरना डीबीटी योजनाएं रुक सकती हैं या बैंक खाता ब्लॉक हो सकता है।
डिजिटल भारत की मजबूत नींव
सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया को मजबूत बनाएगी, खासकर किसान सम्मान निधि जैसी सब्सिडी योजनाओं में पारदर्शिता लाएगी। लेकिन नागरिकों को जागरूक रहना होगा। एक छोटी सी गलती महंगी पड़ सकती है। सही जानकारी रखें, सुरक्षित रहें। समय रहते अपडेट कराएं और फ्रॉड से बचें। आधार आपकी शक्ति है, इसे मजबूत बनाएं।
















