
यूपी बोर्ड (UPMSP) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब करोड़ों छात्र-छात्राओं की धड़कनें तेज हैं, अगर आपको भी फेल होने का डर सता रहा है, तो घबराएं नहीं यूपी बोर्ड का रिजल्ट तैयार करने का सिस्टम छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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‘स्टेप मार्किंग’ है सबसे बड़ी राहत
यूपी बोर्ड में अब उत्तर के गलत होने पर भी पूरे नंबर नहीं कटते। अगर आपने सवाल को हल करने की प्रक्रिया (Steps) सही लिखी है, तो आपको उसके निर्धारित अंक जरूर मिलते हैं। यह नियम उन छात्रों के लिए वरदान है जिन्होंने सवालों को आधा भी हल किया है।
33% का जादुई आंकड़ा और ग्रेस मार्क्स
पास होने के लिए हर विषय में न्यूनतम 33% अंक लाना अनिवार्य है हालांकि, अगर कोई छात्र एक या दो विषयों में महज 2 या 3 अंकों से पिछड़ रहा है, तो बोर्ड उसे ‘ग्रेस मार्क्स’ (कृपांक) देकर पास कर देता है यह बोर्ड की एक विशेष उदारता नीति है ताकि छात्रों का साल खराब न हो।
थ्योरी और प्रैक्टिकल का तालमेल
हाईस्कूल (10वीं) के छात्रों के लिए अच्छी खबर यह है कि 100 अंकों के पेपर में 70 अंक थ्योरी के और 30 अंक प्रोजेक्ट/इंटरनल असेसमेंट के होते हैं, पास होने के लिए थ्योरी में 23 और प्रैक्टिकल में 10 अंक लाना जरूरी है, आंतरिक मूल्यांकन के अंक अक्सर छात्रों का कुल प्रतिशत सुधारने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
फेल होने पर भी मिलता है दूसरा मौका
अगर दुर्भाग्यवश आप एक या दो विषयों में फेल हो जाते हैं, तो भी उम्मीद खत्म नहीं होती।
- कंपार्टमेंट परीक्षा: आप दोबारा परीक्षा देकर उसी साल पास हो सकते हैं।
- स्क्रूटनी (Scrutiny): अगर आपको लगता है कि चेकिंग में गलती हुई है, तो आप अपनी कॉपी दोबारा जंचवा सकते हैं।
- इम्प्रूवमेंट: कम नंबर आने पर आप मार्क्स सुधारने के लिए भी परीक्षा दे सकते हैं।
रिजल्ट कब और कहाँ देखें?
सूत्रों के अनुसार, रिजल्ट 15 अप्रैल 2026 के आसपास किसी भी समय घोषित किया जा सकता है, छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर देख सकेंगे।
रिजल्ट के समय फर्जी कॉल करने वाले ठग सक्रिय हो जाते हैं जो पैसे लेकर नंबर बढ़ाने का दावा करते हैं, ऐसे किसी भी झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
















