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सावधान! मॉनसून पर ‘अल नीनो’ का साया; जून-जुलाई में कितनी होगी बारिश? मौसम विभाग और स्काईमेट का बड़ा अपडेट

प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट (Skymet) के ताज़ा अपडेट के अनुसार, 2026 में भारत का मॉनसून 'सामान्य से नीचे' (Below Normal) रहने का अनुमान है अल नीनो (El Niño) के सक्रिय होने के कारण पूरे सीजन (जून से सितंबर) में लंबी अवधि के औसत (LPA) की मात्र 94% बारिश होने की संभावना जताई गई है

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सावधान! मॉनसून पर 'अल नीनो' का साया; जून-जुलाई में कितनी होगी बारिश? मौसम विभाग और स्काईमेट का बड़ा अपडेट
सावधान! मॉनसून पर ‘अल नीनो’ का साया; जून-जुलाई में कितनी होगी बारिश? मौसम विभाग और स्काईमेट का बड़ा अपडेट

देश में इस साल मॉनसून को लेकर नई चिंता सामने आई है, मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अल नीनो का असर भारतीय मॉनसून पर पड़ सकता है, जिससे जून और जुलाई में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, इस बार मॉनसून की शुरुआत सामान्य रह सकती है, लेकिन शुरुआती महीनोंखासतौर पर जून और जुलाई में बारिश की रफ्तार कमजोर रह सकती है। इसका असर खेती और जलस्तर पर पड़ सकता है।

स्काईमेट ने भी जताई चिंता

प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट ने भी अपने आकलन में कहा है कि अल नीनो की सक्रियता के कारण मानसून की तीव्रता प्रभावित हो सकती है। एजेंसी के मुताबिक, जुलाई तक इसका असर ज्यादा स्पष्ट दिख सकता है, जिससे कई राज्यों में सूखे जैसी स्थिति बनने का खतरा बढ़ सकता है।

किसानों के लिए अलर्ट

विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसल चयन और बुवाई के समय सावधानी बरतें कम बारिश की स्थिति में वैकल्पिक फसलों पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है।

किन इलाकों में ज्यादा असर?

मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत और कुछ दक्षिणी राज्यों में बारिश की कमी का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है वहीं, कुछ क्षेत्रों में सामान्य या उससे थोड़ी अधिक बारिश भी संभव है, लेकिन कुल मिलाकर संतुलन बिगड़ने की आशंका है।

क्या होता है अल नीनो?

अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है, जिसमें प्रशांत महासागर के सतही तापमान में वृद्धि होती है इसका असर दुनिया भर के मौसम पर पड़ता है और भारत में यह अक्सर कमजोर मॉनसून से जुड़ा होता है।

आगे क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में स्थिति और स्पष्ट होगी अगर अल नीनो मजबूत होता है, तो मानसून की कुल बारिश औसत से कम रह सकती है।

Monsoon 2026
Author
info@ortpsa.in

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