
आयकर विभाग ने पैन (PAN) कार्ड बनवाने के नियमों में आज से बड़ा बदलाव कर दिया है अगर आप नया पैन कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है अब तक आधार कार्ड के जरिए ‘इंस्टेंट ई-पैन’ (Instant E-PAN) बनवाना जितना आसान था, अब प्रक्रिया उतनी ही सख्त कर दी गई है,नए नियमों के मुताबिक, अब केवल आधार कार्ड के भरोसे पैन कार्ड नहीं बनेगा आवेदन के साथ 5 अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की अनिवार्यता लागू कर दी गई है, जिनके बिना आपका आवेदन तुरंत रिजेक्ट (Reject) कर दिया जाएगा।
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क्यों बदला नियम?
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने यह कदम पैन कार्ड से जुड़ी धोखाधड़ी को रोकने और डेटा की सटीकता (Accuracy) बढ़ाने के लिए उठाया है, अब आवेदकों को पहचान और पते के साथ-साथ ‘जन्म तिथि’ (Date of Birth) का पुख्ता प्रमाण देना अनिवार्य होगा।
इन 5 दस्तावेजों के बिना नहीं बनेगा PAN कार्ड
नियमों के अनुसार, आधार कार्ड के अलावा आवेदकों को निम्नलिखित में से कम से कम एक दस्तावेज संलग्न करना होगा:
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): नगर निगम या अधिकृत संस्था द्वारा जारी।
- वोटर आईडी कार्ड (Voter ID): पहचान और पते के पुख्ता प्रमाण के रूप में।
- वैध पासपोर्ट (Passport): अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य पहचान दस्तावेज।
- ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License): पते और जन्म तिथि के सत्यापन के लिए।
- 10वीं की मार्कशीट (Matriculation Certificate): किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र।
नए फॉर्म और सख्त शर्तें
विभाग ने आवेदन के लिए पुराने फॉर्मों की जगह नए फॉर्म भी पेश किए हैं। अब भारतीय नागरिकों को Form 93 और अन्य संस्थाओं को Form 94 भरना होगा। इसके अलावा, अब पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट होगा जो आपके आधार डेटाबेस में दर्ज है। यदि दोनों के विवरण में थोड़ा भी अंतर पाया गया, तो आवेदन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।
लेनदेन पर भी कड़ी नजर
नए नियमों के तहत अब बैंक में सालाना ₹10 लाख से अधिक के नकद लेनदेन (जमा या निकासी) के लिए पैन कार्ड की अनिवार्यता को और कड़ा कर दिया गया है, विशेषज्ञों का कहना है कि इन बदलावों से ‘सिस्टम’ में पारदर्शिता आएगी और फर्जी पैन कार्ड के चलन पर लगाम लगेगी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक पोर्टल (NSDL या UTIITSL) पर आवेदन करने से पहले अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त कर लें।
















