
देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है, कल से कामकाजी नियमों और सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है, नए नियमों के लागू होने के बाद न केवल आपके काम के घंटे तय होंगे, बल्कि अतिरिक्त काम करने पर ‘ओवरटाइम’ का गणित भी पूरी तरह बदल जाएगा।
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8 घंटे से ज्यादा काम मतलब ‘डबल पैसा’
नए श्रम कानूनों (New Wage Code) के तहत ओवरटाइम के नियमों को बेहद सख्त और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है, अब अगर कोई कर्मचारी अपने निर्धारित 8 घंटों से ज्यादा काम करता है, तो कंपनी को उसे सामान्य वेतन की तुलना में दोगुनी दर (Double Rate) से भुगतान करना होगा उदाहरण के तौर पर, यदि आपकी एक घंटे की सैलरी 200 रुपये है, तो ओवरटाइम के दौरान आपको हर घंटे के 400 रुपये मिलेंगे।
ओवरटाइम की नई परिभाषा
प्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समय के बाद महज 15 से 30 मिनट भी अतिरिक्त काम करता है, तो उसे 30 मिनट का पूरा ओवरटाइम माना जाएगा पुराने नियमों में छोटे अंतराल को ओवरटाइम में नहीं गिना जाता था, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान होता था।
सैलरी का नया गणित: इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा असर
नया वेज कोड केवल ओवरटाइम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी ‘टेक-होम’ सैलरी को भी प्रभावित करेगा।
- बेसिक सैलरी: आपकी बेसिक सैलरी आपकी कुल ग्रॉस सैलरी का कम से कम 50% होनी चाहिए।
- PF और ग्रेच्युटी: बेसिक सैलरी बढ़ने से आपके पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी का हिस्सा बढ़ जाएगा।
- रिटायरमेंट फंड: हालांकि हाथ में आने वाली सैलरी (In-hand salary) थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन रिटायरमेंट के समय मिलने वाली राशि काफी मोटी होगी।
वर्किंग आवर्स और छुट्टियां
नए नियमों में काम के घंटों को अधिकतम 12 घंटे (ओवरटाइम सहित) तक सीमित करने का प्रस्ताव है साथ ही, कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हफ्ते में काम के कुल घंटे 48 से अधिक न हों यदि कोई कंपनी 12 घंटे काम लेती है, तो उसे कर्मचारी को हफ्ते में 3 छुट्टियां देनी पड़ सकती हैं।
हालांकि इन नियमों को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन इनके पूर्ण कार्यान्वयन की आधिकारिक पुष्टि और राज्यों की सहमति का इंतजार बना हुआ है कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी कंपनी के एचआर (HR) विभाग से इस संबंध में अपडेट लेते रहें।
















