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नवोदय vs सैनिक स्कूल: कहाँ पढ़ना है बेहतर और कितना है फीस में अंतर? एडमिशन से पहले जान लें ये कड़वा सच

अपने बच्चे को बेहतर भविष्य देने के लिए हर अभिभावक का सपना देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में दाखिला कराना होता है, जब बात सरकारी और अनुशासित संस्थानों की आती है, तो जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) और सैनिक स्कूल के नाम सबसे ऊपर आते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों के बीच फीस और सुविधाओं का अंतर जमीन-आसमान का है? एडमिशन फॉर्म भरने से पहले इन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है

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नवोदय vs सैनिक स्कूल: कहाँ पढ़ना है बेहतर और कितना है फीस में अंतर? एडमिशन से पहले जान लें ये कड़वा सच
नवोदय vs सैनिक स्कूल: कहाँ पढ़ना है बेहतर और कितना है फीस में अंतर? एडमिशन से पहले जान लें ये कड़वा सच

अपने बच्चे को बेहतर भविष्य देने के लिए हर अभिभावक का सपना देश के प्रतिष्ठित स्कूलों में दाखिला कराना होता है, जब बात सरकारी और अनुशासित संस्थानों की आती है, तो जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) और सैनिक स्कूल के नाम सबसे ऊपर आते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों के बीच फीस और सुविधाओं का अंतर जमीन-आसमान का है? एडमिशन फॉर्म भरने से पहले इन महत्वपूर्ण तथ्यों को जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।

फीस का भारी अंतर: मुफ्त बनाम लाखों का खर्च

नवोदय और सैनिक स्कूल के बीच सबसे बड़ा ‘कड़वा सच’ इनकी फीस संरचना है।

  • नवोदय विद्यालय: यहाँ शिक्षा पूरी तरह मुफ्त है। कक्षा 9वीं से 12वीं तक केवल सामान्य और ओबीसी वर्ग के लड़कों से ₹600 प्रति माह (करीब ₹7,200 सालाना) की नाममात्र फीस ली जाती है।
  • सैनिक स्कूल: यहाँ का खर्च मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भारी पड़ सकता है। ट्यूशन फीस, डाइट और यूनिफॉर्म मिलाकर सालाना खर्च ₹1.5 लाख से ₹1.8 लाख तक पहुँच जाता है।

करियर का लक्ष्य: सेना या सिविल सेवा?

दाखिला लेने से पहले यह तय करना जरूरी है कि आप बच्चे को किस दिशा में भेजना चाहते हैं:

  • सैनिक स्कूल (सैन्य अधिकारी बनने का सपना): यदि आप बच्चे को NDA के जरिए सेना, नौसेना या वायुसेना में अफसर बनाना चाहते हैं, तो सैनिक स्कूल सबसे सटीक चुनाव है। यहाँ का कड़ा अनुशासन और फिजिकल ट्रेनिंग बच्चे को सेना के अनुकूल तैयार करती है।
  • नवोदय विद्यालय (प्रतियोगी परीक्षाओं में दबदबा): यदि लक्ष्य IIT, NEET या UPSC जैसी परीक्षाओं को क्रैक करना है, तो नवोदय एक बेहतरीन विकल्प है। ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने में इस स्कूल का रिकॉर्ड बेमिसाल रहा है। 

चयन प्रक्रिया की चुनौतियां

दोनों ही स्कूलों में प्रवेश परीक्षा के जरिए दाखिला होता है, लेकिन प्रक्रिया अलग है: 

  • नवोदय: यहाँ केवल लिखित परीक्षा (JNVST) पास करनी होती है और मेरिट के आधार पर चयन होता है।
  • सैनिक स्कूल: यहाँ लिखित परीक्षा के साथ-साथ मेडिकल टेस्ट और इंटरव्यू के कठिन चरणों से गुजरना पड़ता है।

आपके लिए क्या है बेहतर?

अगर आप बिना किसी वित्तीय बोझ के विश्वस्तरीय शिक्षा और हॉस्टल सुविधा चाहते हैं, तो नवोदय विद्यालय आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है, वहीं, अगर बजट की समस्या नहीं है और आप बच्चे के व्यक्तित्व में सैन्य अनुशासन देखना चाहते हैं, तो सैनिक स्कूल में निवेश करना एक समझदारी भरा फैसला होगा। 

Difference Between Navodaya Vidyalayas and Sainik Schools
Author
info@ortpsa.in

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