
अक्सर हम कार के टायर घिसने या उनमें कट लगने पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी टायर के साइडवॉल पर लिखे अंग्रेजी के अक्षरों (Alphabetical Codes) पर गौर किया है? अगर नहीं, तो यह आपकी सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हो सकता है टायर विशेषज्ञों के मुताबिक, टायर पर अंकित यह एक छोटा सा कोड तय करता है कि आपकी गाड़ी कितनी रफ्तार पर सुरक्षित है, इसे अनदेखा करने का मतलब है हाई-स्पीड में टायर फटने और भीषण दुर्घटना को दावत देना।
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क्या है यह जान बचाने वाला ‘स्पीड कोड’?
टायर के साइज के ठीक बगल में एक अक्षर लिखा होता है, जैसे ‘H’, ‘V’, ‘W’ या ‘Y’। इसे ‘स्पीड रेटिंग’ कहा जाता है। यह कोड बताता है कि वह टायर अधिकतम कितनी रफ्तार को सुरक्षित रूप से झेल सकता है।
अगर आपके टायर पर ‘S’ लिखा है, तो इसका मतलब है कि आप 180 किमी/घंटा से ऊपर नहीं जा सकते। वहीं, ‘V’ रेटिंग वाले टायर 240 किमी/घंटा तक की गति के लिए बने होते हैं, यदि कोई चालक अपने टायर की निर्धारित रेटिंग से अधिक रफ्तार पर गाड़ी चलाता है, तो अत्यधिक घर्षण (Friction) के कारण टायर के भीतर की रबर पिघलने लगती है और टायर अचानक ‘ब्लास्ट’ हो सकता है।
इन कोड्स को तुरंत चेक करें
- H रेटिंग: अधिकतम 210 किमी/घंटा।
- V रेटिंग: अधिकतम 240 किमी/घंटा।
- W रेटिंग: अधिकतम 270 किमी/घंटा।
- T रेटिंग: अधिकतम 190 किमी/घंटा।
एक्सपायरी डेट का भी रखें ख्याल
स्पीड कोड के अलावा टायर पर DOT के बाद चार अंकों का एक कोड (जैसे 0223) भी होता है इसमें पहले दो अंक ‘हफ्ता’ और आखिरी दो अंक ‘साल’ दर्शाते हैं विशेषज्ञों का कहना है कि 5 साल से पुराना टायर, चाहे वह कितना भी नया क्यों न दिखे, हाई-स्पीड ड्राइविंग के लिए असुरक्षित हो जाता है क्योंकि उसकी रबर सख्त होकर अपनी पकड़ खो देती है।
फटने से कैसे बचाएं अपना टायर?
- ओवरलोडिंग से बचें: टायर पर लिखे ‘लोड इंडेक्स’ से ज्यादा वजन न लादें।
- हवा का दबाव: कम हवा में गाड़ी चलाने से टायर के साइडवॉल पर दबाव बढ़ता है और वह गर्म होकर फट सकता है।
- चेक करें ‘बबल्स’: अगर टायर कहीं से फूला हुआ दिखे, तो उसे तुरंत बदलें।
अगली बार जब आप हाईवे या एक्सप्रेसवे पर अपनी गाड़ी की रफ़्तार बढ़ाएं, तो पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके टायर उस रफ्तार को झेलने के काबिल हैं या नहीं आपकी एक छोटी सी सावधानी सड़क पर आपकी और आपके परिवार की जान बचा सकती है।
















