
1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स और पैन (PAN) कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम 2025 (Income Tax Act, 2025) को मंजूरी दे दी है, जो 1961 के पुराने कानून की जगह लेगा।
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पैन कार्ड बनवाने के लिए अब आधार काफी नहीं
1 अप्रैल से नया पैन कार्ड बनवाने या उसमें सुधार (Correction) करवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड देना पर्याप्त नहीं होगा, अब आपको जन्म तिथि (DOB) का अलग प्रमाण देना अनिवार्य होगा। इसके लिए आप निम्नलिखित दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं:
- जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate)
- 10वीं की मार्कशीट
- पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस
इन कामों के लिए पैन की अनिवार्यता की नई सीमा (Thresholds)
नए नियमों में कुछ राहत भी दी गई है अब पैन कार्ड तभी अनिवार्य होगा जब लेनदेन की राशि इन सीमाओं को पार करेगी:
- बैंक/पोस्ट ऑफिस लेनदेन: एक वित्तीय वर्ष में ₹10 लाख से अधिक की नकद जमा या निकासी पर पैन जरुरी होगा।
- प्रॉपर्टी: ₹20 लाख से अधिक की अचल संपत्ति खरीदने या बेचने पर (पहले यह सीमा ₹10 लाख थी)।
- वाहन: ₹5 लाख से अधिक मूल्य के वाहन खरीदने पर (पहले सभी चार पहिया वाहनों के लिए जरूरी था)।
- होटल बिल: ₹1 लाख से अधिक के भुगतान पर (पहले ₹50,000 था)।
ITR फाइल करने की डेडलाइन में बदलाव
अथॉरिटी ने टैक्सपेयर्स को राहत देते हुए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है यह उन लोगों के लिए है जिनके खातों का ऑडिट होना जरूरी नहीं है।
किराएदारों के लिए अच्छी खबर (HRA Benefit)
अब बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद और अहमदाबाद को भी मेट्रो शहरों की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है, इसका मतलब है कि इन शहरों में रहने वाले नौकरीपेशा लोग अपनी बेसिक सैलरी का 50% तक HRA छूट क्लेम कर सकेंगे (पहले यह 40% था)।
पुराने फॉर्म हो जाएंगे बेकार
1 अप्रैल 2026 से पैन आवेदन के पुराने फॉर्म (जैसे Form 49A और 49AA) बंद कर दिए जाएंगे, इनकी जगह सरकार द्वारा अधिसूचित नए फॉर्म ही स्वीकार किए जाएंगे।
अगर आपका पैन कार्ड अभी तक आधार से लिंक नहीं है, तो उसे तुरंत लिंक करा लें, वरना वह Inoperative (निष्क्रिय) हो जाएगा और आप बैंक खाता या निवेश जैसे काम नहीं कर पाएंगे।
















