
देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार ने बायोगैस प्लांट लगाने पर भारी सब्सिडी देने का एलान किया है, केंद्र सरकार के ‘नेशनल बायोएनर्जी प्रोग्राम’ के तहत अब आम नागरिक और किसान अपने घरों या खेतों में बायोगैस यूनिट स्थापित कर ₹10,000 से लेकर ₹70,000 तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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क्या है सरकार की नई योजना?
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, छोटे बायोगैस प्लांट (1 से 25 घन मीटर) लगाने पर लाभार्थियों को सीधे बैंक खाते में सब्सिडी दी जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार उन पुराने बायोगैस यूनिट्स को फिर से चालू करने के लिए भी ₹10,000 की विशेष एकमुश्त ग्रांट देने पर विचार कर रही है जो रख-रखाव के अभाव में बंद पड़े हैं।
किसे कितना मिलेगा लाभ?
सब्सिडी की राशि प्लांट के आकार और क्षेत्र पर निर्भर करती है:
- सामान्य श्रेणी: छोटे बायोगैस प्लांट के लिए ₹9,800 से शुरू होकर क्षमता के अनुसार सब्सिडी बढ़ती जाती है।
- विशेष वर्ग: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और पंजीकृत गौशालाओं के लिए सब्सिडी की राशि 20% अतिरिक्त रखी गई है।
- क्षेत्रवार लाभ: उत्तर-पूर्वी राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण अधिक वित्तीय सहायता दी जा रही है।
आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस)
बायोगैस प्लांट के लिए आवेदन प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया गया है:
- इच्छुक आवेदक MNRE के आधिकारिक Biogas Portal (biogas.mnre.gov.in) पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
- सरकार ने इसके लिए एक विशेष एंड्रॉइड ऐप भी लॉन्च किया है, जहाँ से सीधे आवेदन और डॉक्यूमेंट अपलोड किए जा सकते हैं।
- जो लोग ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे अपने जिले के क्षेत्रीय कृषि अधिकारी (Zonal Agriculture Officer) या जिला नोडल एजेंसी के कार्यालय में जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
- आवेदन के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, जमीन के कागजात और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य हैं।
बायोगैस प्लांट के फायदे
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से न केवल रसोई गैस (LPG) पर होने वाला खर्च बचेगा, बल्कि प्लांट से निकलने वाली ‘स्लरी’ का उपयोग जैविक खाद के रूप में करके खेतों की पैदावार भी बढ़ाई जा सकती है, इससे पर्यावरण प्रदूषण कम करने में भी बड़ी मदद मिलेगी।
















