उत्तर प्रदेश सरकार ने वाहनों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। 15 अप्रैल 2026 से राज्य भर में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट वाले वाहनों को प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा। इसका मतलब साफ है, PUCC के अभाव में वाहन चालकों को 10 हजार रुपये तक का सीधा चालान का सामना करना पड़ेगा। यह नियम पुराने और नई दोनों गाड़ियों पर लागू होगा, जिससे लाखों वाहन मालिकों में हड़कंप मच गया है।

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नई नीति का असर क्या होगा
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि HSRP प्लेट के बिना कोई भी PUCC सेंटर वाहन का टेस्ट नहीं लेगा। इसके बिना वाहन का बीमा नवीनीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र या रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर जैसी सारी प्रक्रियाएं रुक जाएंगी। ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग भी तेज हो जाएगी। पहली बार उल्लंघन पर 5 हजार और दूसरी बार 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। विभाग का उद्देश्य नकली नंबर प्लेट और वाहन चोरी जैसे अपराधों पर अंकुश लगाना है। यूपी के दो करोड़ से अधिक वाहनों में से करीब 40 प्रतिशत अभी भी पुरानी प्लेटों पर चल रहे हैं।
HSRP प्लेट की खासियतें
यह प्लेट सामान्य नंबर प्लेट से अलग है। पूरी तरह एल्यूमीनियम से बनी यह प्लेट अशोक चक्र वाला होलोग्राम और 10 अंकों का विशेष पिन कोड लिए हुए होती है। इसे दो tamper-proof लॉक से वाहन पर फिट किया जाता है, जिसे आसानी से हटाया या बदला नहीं जा सकता। नई गाड़ियां 2019 से इस प्लेट पर आ रही हैं, लेकिन पुरानी गाड़ियों के लिए अब समय समाप्त हो चुका है। यह व्यवस्था न केवल सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि प्रदूषण जांच को भी पारदर्शी बनाएगी।
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कैसे लगवाएं HSRP, प्रक्रिया सरल
वाहन मालिकों को घबराने की जरूरत नहीं। ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर कुछ ही मिनटों में आवेदन कर सकते हैं। वाहन का नंबर, मॉडल और कलर कोड चुनें, फीस भरें और बुकिंग पूरी करें। दोपहिया वाहनों के लिए 400 से 500 रुपये तथा चार पहिया वाहनों के लिए करीब 1100 रुपये का खर्च आता है। बुकिंग के 7 से 10 दिनों में तकनीशियन घर आकर प्लेट लगा देंगे। स्टेटस भी वेबसाइट पर लाइव चेक किया जा सकता है। 15 अप्रैल से पहले कार्रवाई करें तो कोई दिक्कत नहीं होगी।
स्कूल बसों पर अतिरिक्त निगरानी
स्कूल बस संचालकों के लिए अलग चिंता है। प्रयागराज जैसे जिलों में RTO 15 दिन का विशेष निरीक्षण अभियान चला रही है। HSRP के साथ PUCC और अन्य फिटनेस मानकों की जांच होगी। उल्लंघन करने वाली बसों का परमिट रद्द हो सकता है। यह कदम बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
समय रहते तैयारी करें
ग्रामीण क्षेत्रों में अभी जागरूकता कम है। सरकार को जागरूकता शिविर लगाने चाहिए। ऑटो डीलरों ने भी समय विस्तार की मांग की है, लेकिन विभाग सख्ती पर अड़ा है। डिजिटल युग में यह कदम ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाएगा। वाहन मालिक समय रहते HSRP लगवा लें, वरना परेशानी निश्चित है।
















