
सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के भविष्य को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब पूरी तरह विराम लग गया है, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि BSNL के निजीकरण (Privatization) का कोई सवाल ही नहीं उठता।
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BSNL भारत की जनता की संपत्ति: सिंधिया
संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए सिंधिया ने कहा कि BSNL भारत की जनता की संपत्ति है और यह सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) में ही बनी रहेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का पूरा ध्यान कंपनी को बेचने के बजाय उसे तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और उसकी सेवाओं का विस्तार करने पर है।
आर्टिकल के मुख्य बिंदु
- निजीकरण की संभावना खारिज: मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की इसे निजी हाथों में सौंपने की कोई योजना नहीं है।
- उपभोक्ताओं में भारी उछाल: सरकार के प्रयासों का असर आंकड़ों में भी दिख रहा है। सिंधिया के अनुसार, BSNL के ग्राहकों की संख्या 8.55 करोड़ से बढ़कर 9.27 करोड़ से ज्यादा हो गई है।
- स्वदेशी 4G और 5G का रोडमैप:
- प्रधानमंत्री ने सितंबर 2025 में 1 लाख स्वदेशी 4G टावरों का लोकार्पण किया था।
- सरकार का लक्ष्य पहले 4G नेटवर्क को स्थिर करना है, जिसके बाद इसे जल्द ही 5G में बदला जाएगा।
- आत्मनिर्भर भारत की ताकत: भारत अब दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो अपनी स्वदेशी टेलीकॉम तकनीक (Stack) विकसित कर रहे हैं। BSNL इसी ‘आत्मनिर्भर’ तकनीक के साथ निजी कंपनियों का मुकाबला करेगा।
यूजर्स के लिए क्या हैं मायने?
इस घोषणा के बाद उन करोड़ों यूजर्स ने राहत की सांस ली है जो नेटवर्क की अनिश्चितता को लेकर चिंतित थे, सरकार के इस कदम से न केवल सेवाओं में सुधार की उम्मीद जगी है, बल्कि प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बेहतर कनेक्टिविटी मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है, अधिक विवरण के लिए आप PIB की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
















