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सेविंग अकाउंट में 1 महीने में कितना लेनदेन कर सकते हैं? लिमिट क्रॉस की तो सीधे आयकर विभाग की नजर में आ जाएंगे आप

क्या आप भी अपने सेविंग अकाउंट (बचत खाते) में धड़ल्ले से कैश जमा या निकाल रहे हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए आयकर विभाग (Income Tax Department) आपकी हर बड़ी हलचल पर पैनी नज़र रख रहा है, हालांकि बैंक बचत खाते में लेन-देन की कोई निश्चित 'मासिक सीमा' तय नहीं करते, लेकिन साल भर का कुल आंकड़ा आपको विभाग के रडार पर ला सकता है

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सेविंग अकाउंट में 1 महीने में कितना लेनदेन कर सकते हैं? लिमिट क्रॉस की तो सीधे आयकर विभाग की नजर में आ जाएंगे आप
सेविंग अकाउंट में 1 महीने में कितना लेनदेन कर सकते हैं? लिमिट क्रॉस की तो सीधे आयकर विभाग की नजर में आ जाएंगे आप

क्या आप भी अपने सेविंग अकाउंट (बचत खाते) में धड़ल्ले से कैश जमा या निकाल रहे हैं? अगर हाँ, तो सावधान हो जाइए आयकर विभाग (Income Tax Department) आपकी हर बड़ी हलचल पर पैनी नज़र रख रहा है, हालांकि बैंक बचत खाते में लेन-देन की कोई निश्चित ‘मासिक सीमा’ तय नहीं करते, लेकिन साल भर का कुल आंकड़ा आपको विभाग के रडार पर ला सकता है। 

इन 5 गलतियों से आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस

आयकर विभाग ने ‘हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन’ (High Value Transactions) के लिए कुछ लक्ष्मण रेखाएं तय की हैं, जिन्हें पार करने पर बैंक सीधे आपकी जानकारी विभाग को स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस (SFT) के जरिए भेज देता है: 

  • ₹10 लाख की सालाना कैश लिमिट: एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) में अपने एक या अधिक बचत खातों में कुल मिलाकर ₹10 लाख या उससे अधिक का नकद (Cash) जमा करना या निकालना आपको भारी मुसीबत में डाल सकता है।
  • दैनिक नकद सीमा: आयकर अधिनियम की धारा 269ST के तहत, एक दिन में किसी भी व्यक्ति से ₹2 लाख या उससे अधिक का कैश लेना प्रतिबंधित है।
  • क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट: यदि आप साल भर में ₹1 लाख से ज्यादा का बिल नकद (Cash) में या ₹10 लाख से ज्यादा का बिल डिजिटल मोड से भरते हैं, तो बैंक इसकी रिपोर्ट आयकर विभाग को देगा।
  • अचल संपत्ति का लेन-देन: ₹30 लाख या उससे अधिक की संपत्ति की खरीद-बिक्री की जानकारी भी विभाग तक पहुंचती है।
  • आय और खर्च में अंतर: यदि आपके खाते में होने वाला लेन-देन आपकी घोषित सालाना आय (ITR) से मेल नहीं खाता, तो विभाग आपसे स्पष्टीकरण मांग सकता है। 

2026 से लागू हो रहे हैं नए ड्राफ्ट नियम 

सरकार ने ‘ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026’ पेश किए हैं, जो वित्तीय पारदर्शिता को और सख्त बनाएंगे: 

  1. PAN कार्ड की अनिवार्यता: अब तक ₹50,000 से अधिक के दैनिक नकद जमा पर पैन अनिवार्य था, लेकिन नए नियमों के तहत साल भर में ₹10 लाख से अधिक के कुल नकद लेन-देन के लिए पैन देना अनिवार्य होगा।
  2. प्रॉपर्टी और होटल बिल: अचल संपत्ति के लेन-देन में पैन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख और होटल के नकद बिल के लिए ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने का प्रस्ताव है। 

ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (UPI, NEFT, RTGS) की कोई ऊपरी सीमा आयकर नोटिस के लिए तय नहीं है, बशर्ते आपके पास उस पैसे का वैध स्रोत (Source of Income) हो, अघोषित आय पर विभाग 84% तक का टैक्स और जुर्माना भी लगा सकता है। 

Income Tax Department
Author
info@ortpsa.in

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