देशभर के लाखों ग्राहकों को बड़ा झटका लगने वाला है। प्रमुख निजी बैंक HDFC ने अपने सेफ डिपॉजिट लॉकर सुविधा के दामों में भारी वृद्धि का फैसला लिया है। 1 अप्रैल 2026 से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी, जिसमें कुछ मामलों में किराया दोगुना से लेकर 184 प्रतिशत तक महंगा हो जाएगा। सोना-चांदी, जेवरात या जरूरी कागजात रखने वालों को अब गहरी सोचने की नौबत आ गई है। बैंक ने नई श्रेणियां जोड़ी हैं और सुरक्षा के नए नियम भी थोपे हैं।

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नई दर संरचना का खुलासा
लॉकर का किराया अब उसके साइज और बैंक शाखा के स्थान पर तय होगा। पांच साइज उपलब्ध हैं: एक्स्ट्रा स्मॉल, स्मॉल, मीडियम, एक्स्ट्रा मीडियम, लार्ज और एक्स्ट्रा लार्ज। शाखाओं को मेट्रो प्लस, मेट्रो, अर्बन, सेमी-अर्बन तथा रूरल में बांटा गया है। साल भर का किराया एकमुश्त लिया जाएगा, ऊपर से 18 प्रतिशत जीएसटी जुड़ेगा। मेट्रो प्लस शहरों में एक्स्ट्रा स्मॉल लॉकर के लिए 4000 रुपये चुकाने पड़ेंगे, जबकि स्मॉल साइज का दाम 7500 रुपये तक पहुंचेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में राहत है, जहां एक्स्ट्रा स्मॉल सिर्फ 1000 रुपये का पड़ेगा।
यहां नई दरों की पूरी सूची है:
| लॉकर साइज | मेट्रो प्लस | मेट्रो | अर्बन | सेमी-अर्बन | रूरल |
|---|---|---|---|---|---|
| एक्स्ट्रा स्मॉल | 4000 | 3300 | 2200 | 2200 | 1000 |
| स्मॉल | 7500 | 5000 | 4000 | 3000 | 2000 |
| मीडियम | 12500 | 10500 | – | – | – |
| एक्स्ट्रा मीडियम | 15000 | 12500 | – | – | – |
| लार्ज | 20000 | 15000 | – | – | – |
| एक्स्ट्रा लार्ज | 40000 | 20000 | – | 12000 | 8000 |
पुरानी दरों से तुलना
पहले मेट्रो शहरों में एक्स्ट्रा स्मॉल लॉकर का किराया लगभग 1350 रुपये था, जो अब तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुका है। स्मॉल साइज भी 2200 से कूदकर 5000-7500 रुपये का हो गया। मार्च अंत तक पुरानी दरें चलेंगी, लेकिन उसके बाद सभी ग्राहकों को नई शर्तें माननी पड़ेंगी। एक ही शहर की विभिन्न शाखाओं में दरें अलग-अलग हो सकती हैं, जिससे लोग परेशान हैं।
सुरक्षा नियमों में सख्ती
किराया बढ़ाने के साथ बैंक ने लॉकर खोलने की प्रक्रिया भी बदल दी। अब केवल चाबी से काम नहीं चलेगा, आधार कार्ड से जुड़ा बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी होगा। फिंगरप्रिंट या आंखों का स्कैन देना पड़ेगा, और बैंक कर्मचारी हर बार नजर रखेगा। नकदी, हथियार या कोई जोखिम भरी चीज रखने पर सख्त पाबंदी है। अगर चोरी हो जाए तो मुआवजा किराए का 100 गुना तक ही मिलेगा। बैंक का तर्क है कि बढ़ते अपराधों के चलते ये कदम जरूरी हैं।
ग्रामीण और छोटे शहरों पर असर
उत्तर प्रदेश के मावाना जैसे अर्ध-शहरी इलाकों में शाखाएं अक्सर अर्बन या सेमी-अर्बन श्रेणी में आएंगी। वहां एक्स्ट्रा स्मॉल लॉकर 2200 रुपये और स्मॉल 3000-4000 रुपये का बोझ बनेगा। मध्यम वर्ग के परिवार, जो शादियों या त्योहारों पर गहने लॉकर में जमा करते हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। अन्य बैंक जैसे एसबीआई या पब्लिक सेक्टर बैंक भी दरें संशोधित कर रहे हैं, लेकिन HDFC का यह कदम सबसे आक्रामक लग रहा है।
ग्राहकों के विकल्प क्या?
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि अपनी शाखा से तुरंत संपर्क करें और नई दरें कन्फर्म करें। अगर मौजूदा लॉकर महंगा लगे तो छोटा साइज चुनें या दूसरी बैंक शिफ्ट करें। आरबीआई के दिशानिर्देशों के तहत लॉकर का नया समझौता करना होगा। ग्राहक संगठन इसे अनुचित बता रहे हैं और नियामक से शिकायत की तैयारी में हैं।
क्या यह बढ़ोतरी सुरक्षा के नाम पर ग्राहकों से लूट है? बहस तेज हो गई है। कीमती सामान रखने का इरादा हो तो पहले हिसाब लगाएं।
















