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जेब में रखें ये ‘पोर्टेबल AC’ और भूल जाएं 45 डिग्री वाली गर्मी! कीमत इतनी कम कि हर कोई खरीद लेगा; चिलचिलाती धूप में देगा बर्फीली हवा

चिलचिलाती धूप में बर्फीली हवा चाहिए? बाजार का नया जुगाड़ पोर्टेबल AC सस्ता है, लेकिन असली कमाल है या जुमला? फायदे-नुकसान जान लो, पछतावा न हो!

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भारत में गर्मी का मौसम अब पहले से कठोर हो गया है। 45 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ता पारा और चिलचिलाती धूप लोगों को घर से निकलने पर मजबूर कर रही है। ऐसे में बाजार में पोर्टेबल एयर कंडीशनर की डिमांड आसमान छू रही है। विज्ञापनों में इन छोटे-छोटे उपकरणों को जेब में रखकर बर्फीली हवा का आनंद लेने का लालच दिया जा रहा है। लेकिन क्या ये सस्ते दावे हकीकत के आईने में टिक पाते हैं? आइए, इसकी गहराई से पड़ताल करें।

जेब में रखें ये 'पोर्टेबल AC' और भूल जाएं 45 डिग्री वाली गर्मी! कीमत इतनी कम कि हर कोई खरीद लेगा; चिलचिलाती धूप में देगा बर्फीली हवा

पोर्टेबल AC के दो रूप

बाजार में पोर्टेबल AC मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बंटे हैं। सस्ते मिनी कूलर, जिनकी कीमत महज कुछ सौ रुपये है, USB से चलते हैं और पानी या बर्फ डालकर हल्की ठंडक पैदा करते हैं। ये डेस्क पर रखकर चेहरा या ऊपरी शरीर को राहत देते हैं, लेकिन पूरे कमरे को ठंडा करने का दम नहीं रखते। वहीं, बड़े पोर्टेबल यूनिट भारी-भरकम होते हैं, पहियों पर चलते हैं और एक पाइप से गर्म हवा बाहर निकालते हैं। इन्हें बिना दीवार तोड़े कहीं भी शिफ्ट किया जा सकता है। किराए के मकानों में रहने वाले युवाओं के लिए ये वरदान साबित हो रहे हैं।

फायदे जो बनाते हैं खास

पोर्टेबल AC की सबसे बड़ी ताकत उनकी सुविधा है। स्थायी इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं पड़ती, बस प्लग लगाएं और चलाएं। छोटे अपार्टमेंट्स या एक कमरे के फ्लैट में इन्हें आसानी से घुमाया जा सकता है। बिजली की खपत पारंपरिक एयर कंडीशनर से काफी कम होती है, जिससे बिल में भारी कटौती आती है। गर्मियों में बिजली संकट के दौरान ये छोटे क्षेत्रों को ठंडा रखने का बेहतरीन विकल्प साबित होते हैं। खासकर पहाड़ी इलाकों जैसे उत्तराखंड में, जहां नमी कम होती है, इनकी कार्यक्षमता बढ़ जाती है।

कमियां जो निराश करती हैं

फायदों के साथ कमियां भी जुड़ी हैं। कूलिंग क्षमता सीमित होने से बड़े कमरों में ये बेकार साबित होते हैं। मिनी वाले तो पर्सनल यूज तक ठीक हैं, लेकिन 45 डिग्री की तपिश में बर्फीली हवा का वादा पूरा नहीं कर पाते। बड़े मॉडल शोर मचाते हैं, जो नींद खराब कर सकता है। एग्जॉस्ट पाइप को खिड़की में सही से फिट करना चुनौतीपूर्ण होता है। सस्ते मॉडल जल्दी खराब हो जाते हैं, पानी लीक होता है या प्लास्टिक पार्ट्स टूट जाते हैं। रखरखाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होती।

बाजार की तस्वीर

प्रकारकीमत सीमाकूलिंग क्षमताउपयुक्त स्थान
मिनी USB कूलर400-1500 रुपयेचेहरा/डेस्कपर्सनल, छोटा ऑफिस
फुल पोर्टेबल यूनिट20,000-60,000 रुपये100-200 वर्ग फुटछोटा फ्लैट, बेडरूम

खरीदने से पहले ध्यान दें

खरीदारी से पहले BTU रेटिंग जांचें कम से कम 8000 BTU वाला चुनें। एनर्जी एफिशिएंसी स्टार रेटिंग और कम से कम एक साल की वारंटी जरूरी है। लोकप्रिय ब्रांड्स चुनें जो सर्विस सेंटर उपलब्ध कराएं। ऑनलाइन रिव्यूज पढ़ें, लेकिन स्टार रेटिंग पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। देहरादून जैसे शहरों में लोकल दुकानों पर डेमो लेकर लें। बजट कम हो तो मिनी कूलर से शुरुआत करें, लेकिन अपेक्षाएं वास्तविक रखें।

Author
info@ortpsa.in

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