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₹50,000 की सैलरी से बनें 5.5 करोड़ के मालिक! सरकारी स्कीम का ये जादुई कैलकुलेशन कर देगा हैरान

नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए EPFO की PF स्कीम वरदान है। ₹50,000 बेसिक सैलरी पर मासिक ₹12,000 जमा होते हैं। 22 से 60 साल (38 वर्ष) तक 8.25% कंपाउंडिंग ब्याज से योगदान ₹1.36 करोड़ + ब्याज ₹4.20 करोड़ = कुल ₹5.56 करोड़! शुरुआत जल्दी करें, अनुशासन रखें- अमीर रिटायरमेंट सुनिश्चित।

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₹50,000 की सैलरी से बनें 5.5 करोड़ के मालिक! सरकारी स्कीम का ये जादुई कैलकुलेशन कर देगा हैरान

आज के दौर में महंगाई और अनिश्चितताओं के बीच हर नौकरीपेशा व्यक्ति का सबसे बड़ा सवाल यही है – रिटायरमेंट के बाद का क्या? काम करना तो जरूरी है, लेकिन भविष्य की आपात स्थितियों का सामना करने के लिए मजबूत सेविंग्स का होना अनिवार्य है। अच्छी बात यह है कि सरकार ने ऐसी कई स्कीम्स चलाई हैं, जिनके बल पर आप लंबे समय में करोड़ों का फंड खड़ा कर सकते हैं। इनमें EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) की PF स्कीम सबसे चमकदार उदाहरण है।

अगर आपकी मासिक सैलरी ₹50,000 है, तो नियमित योगदान और कंपाउंडिंग के जादू से रिटायरमेंट पर आपके पास ₹5.5 करोड़ तक का फंड हो सकता है। यह कोई जुमला नहीं, बल्कि गणितीय हकीकत है।

PF: सेविंग्स का सबसे मजबूत सहारा

प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए EPFO की PF स्कीम वरदान है। इसमें कर्मचारी की बेसिक सैलरी + DA का 12% हिस्सा हर महीने कटता है, और नियोक्ता भी बराबर राशि जमा करता है। यानी ₹50,000 बेसिक सैलरी पर मासिक कुल ₹12,000 (आपका ₹6,000 + कंपनी का ₹6,000) PF अकाउंट में चला जाता है।

फिलहाल PF पर 8.25% वार्षिक ब्याज मिलता है, जो पूरी तरह टैक्स-फ्री और सुरक्षित है। लेकिन असली कमाल है कंपाउंडिंग का – जहां हर साल मूलधन के साथ पिछले ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता जाता है। साधारण ब्याज से अलग, यह ‘स्नोबॉल इफेक्ट’ पैदा करता है, जो समय के साथ रकम को आसमान छूने वाला बना देता है।

पूरा कैलकुलेशन

मान लीजिए आप 22 साल की उम्र से निवेश शुरू करते हैं और 60 साल की उम्र तक जारी रखते हैं – यानी 38 साल का सफर। बिना ब्याज के सिर्फ योगदान से कुल जमा राशि बनेगी ₹1,36,38,805 (₹12,000 x 12 महीने x 38 साल)। लेकिन 8.25% कंपाउंडिंग ब्याज जोड़ने पर यह चमत्कारिक रूप से उछलकर ₹4,20,45,241 हो जाती है। कुल मिलाकर रिटायरमेंट पर आपके पास ₹5,56,84,046 – यानी 5.5 करोड़ से ज्यादा! शुरुआती 8-10 सालों में कोरपस धीरे बढ़ता है (लगभग ₹50 लाख तक), लेकिन बाद में ब्याज ही मुख्य ड्राइवर बन जाता है। आखिरी ₹50 लाख तो महज 10 महीनों में बन जाते हैं, जहां 94% वृद्धि सिर्फ रिटर्न से आती है।

यह कैलकुलेशन EPFO के ऐतिहासिक रिटर्न (8-8.8%) पर आधारित है। सैलरी बढ़ने पर योगदान भी बढ़ेगा, जिससे फंड और मजबूत होगा। हालांकि, EPS (Employees’ Pension Scheme) से थोड़ी कटौती होती है, लेकिन कोरपस का बड़ा हिस्सा आपके पास रहता है।

शर्तें और सावधानियां

यह फॉर्मूला तभी काम करता है जब आप लगातार नौकरी करते रहें और योगदान न चूकें। सैलरी बढ़ने पर PF लिमिट (पहले ₹15,000 कैप था, अब लचीला) का फायदा उठाएं। साथ ही, SIP या अन्य निवेश जोड़कर रिटर्न 12% तक ले जा सकते हैं। लेकिन याद रखें, वास्तविक रिटर्न बाजार पर निर्भर करते हैं – पिछले साल 8.25% था, भविष्य में उतार-चढ़ाव संभव। महंगाई को हराने के लिए शुरुआत जल्दी करें।

विशेषज्ञ कहते हैं, “PF सुरक्षित है, लेकिन ज्यादा रिटर्न के लिए म्यूचुअल फंड SIP जोड़ें।” SEBI रजिस्टर्ड एडवाइजर से सलाह लें। EPFO ऐप से अपना बैलेंस चेक करें और ई-पासबुक डाउनलोड कर लें।

आज से शुरू करें अमीर भविष्य

EPFO जैसी सरकारी स्कीम्स साबित करती हैं कि छोटी-छोटी सेविंग्स भी करोड़ों में बदल सकती हैं। ₹50,000 सैलरी वाला साधारण कर्मचारी 5.5 करोड़ का मालिक बन सकता है – बस धैर्य और अनुशासन चाहिए। इमरजेंसी में हाथ फैलाने की नौबत न आए, इसके लिए आज ही PF चेक करें। सरकार का यह जादू आपका भविष्य संवारेगा!

Author
info@ortpsa.in

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