शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद ने 1-साल के बी.एड कोर्स को फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। यह कोर्स 2026-27 सत्र से चलेगा। पहले यह 2015 में बंद हो गया था, लेकिन अब नए नियमों के साथ वापसी हो रही है। इससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी। खासकर पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को फायदा मिलेगा।

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कोर्स कब और क्यों लॉन्च हो रहा है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कुशल शिक्षकों की जरूरत बढ़ी है। इसलिए परिषद ने यह कदम उठाया। फरवरी 2025 में प्रस्तावित नियमों पर चर्चा हुई और अब इन्हें लागू करने की तैयारी है। 2-साल का बी.एड और 4-साल का इंटीग्रेटेड कोर्स भी चलते रहेंगे। लेकिन 1-साल वाला उन लोगों के लिए खास है जो पहले से अच्छी पढ़ाई कर चुके हैं। इससे शिक्षण क्षेत्र में तेजी आएगी और नौकरियों के द्वार खुलेंगे।
कौन कर सकेगा यह कोर्स?
सिर्फ वही छात्र आवेदन कर सकेंगे जिनके पास 4-साल की ग्रेजुएशन डिग्री हो, जैसे बीए या बीएससी ऑनर्स। या फिर मास्टर्स डिग्री धारक। अंकों में कम से कम 50 प्रतिशत जरूरी हैं। आरक्षित वर्गों को छूट मिलेगी। 3-साल की सामान्य ग्रेजुएशन वाले बाहर रहेंगे। इसका मकसद उच्च स्तर के उम्मीदवार चुनना है। उदाहरण के लिए एमए पास छात्र एक साल में ही शिक्षक बनने के योग्य हो जाएगा।
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आवेदन प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित
एडमिशन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के टेस्ट से होगा। प्रक्रिया इस तरह चलेगी-
- सबसे पहले मई-जून में ऑनलाइन आवेदन भरें।
- जुलाई-अगस्त में परीक्षा दें।
- उसके बाद सितंबर से काउंसलिंग शुरू होगी।
- राज्य स्तर पर या केंद्रीय स्तर पर सीट मिलेगी।
परीक्षा में शिक्षण क्षमता, सामान्य ज्ञान और भाषा के सवाल आएंगे। कोर्स में पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप भी होगी। मान्यता प्राप्त कॉलेजों में ही दाखिला मिलेगा।
युवाओं को क्या फायदा होगा
यह बदलाव उन छात्रों के लिए वरदान है जो 2-साल के कोर्स से थक चुके थे। समय कम लगेगा, खर्च भी घटेगा। उत्तराखंड जैसे राज्यों में सरकारी शिक्षक भर्तियां आसान हो जाएंगी। अनुमान है कि लाखों लोग इसका लाभ लेंगे। ग्रामीण इलाकों में भी अब शिक्षक तैयार होंगे। हालांकि कुछ लोग सख्त नियमों पर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन कुल मिलाकर गुणवत्ता बढ़ेगी।
राज्य स्तर पर असर
देहरादून और आसपास के कॉलेज तैयार हो रहे हैं। राज्य सरकार टेस्ट स्कोर के आधार पर दाखिला देगी। छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए। यह कदम बेरोजगारी घटाने में मदद करेगा। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्कूलों में बेहतर शिक्षक मिलेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में यह नया दौर शुरू हो चुका है। इच्छुक युवा अभी से तैयारी शुरू कर दें। एक साल में सपना साकार करने का मौका हाथ में है।
















